लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर (रूपनारायण सांवरिया)। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद मदान राठौड़ ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के राजस्थान में पर्यटन विकास पर राज्यसभा में दिए गए उत्तर का स्वागत किया। राठौड़ ने कहा कि केंद्र सरकार राजस्थान को देश के प्रमुख पर्यटन राज्यों में से एक मानते हुए उसके सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है।
धार्मिक, विरासत और सीमावर्ती पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
राठौड़ ने बताया कि स्वदेश दर्शन, स्वदेश दर्शन 2.0, प्रसाद, एसीए और एसएएससीआई जैसी योजनाओं के माध्यम से राजस्थान में धार्मिक, आध्यात्मिक, विरासत, मरुस्थलीय और सीमावर्ती पर्यटन क्षेत्रों के विकास हेतु अनेक परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है।
उन्होंने कहा कि सालासर बालाजी, मेहंदीपुर बालाजी, खाटू श्याम जी, नाथद्वारा, करणी माता मंदिर, पुष्कर-अजमेर, जैसलमेर किला, आमेर-नाहरगढ़, जलमहल सहित प्रमुख स्थलों के विकास से न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास
मदान राठौड़ ने बताया कि केंद्र सरकार की सीबीएसपी (सेवा प्रदाताओं के लिए क्षमता निर्माण) योजना के तहत पर्यटन क्षेत्र से जुड़े युवाओं को प्रशिक्षण, कौशल विकास और प्रमाणन प्रदान किया जा रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
बजट स्वीकृति और आधुनिक पर्यटन अवसंरचना
राठौड़ ने कहा कि स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत गत वित्तीय वर्ष में:
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खाटू श्याम जी मंदिर के लिए 87.87 करोड़ रुपए
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करणी माता मंदिर के लिए 48.73 करोड़ रुपए
स्वीकृत किए गए। यह बजट केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें रोपवे, प्रकाश व्यवस्था, सुविधाजनक पहुंच मार्ग, पर्यटक सुविधाएं, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और अनुभव आधारित पर्यटन विकास जैसे कार्य भी शामिल हैं।
राठौड़ ने कहा कि इन परियोजनाओं से राजस्थान के मरुस्थलीय और सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और स्थानीय युवाओं को विकसित भारत @2047 के विजन की दिशा में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
