लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
जयपुर : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने 22 से 29 सितंबर तक प्रदेशभर में जीएसटी बचत उत्सव मनाया। इस अवसर पर आमजन और व्यापारियों को जीएसटी सुधार और इसके फायदों के बारे में जागरूक किया गया। उत्सव के अंतर्गत आयोजित जीएसटी सुधार एवं दर युक्तिकरण जन जागरूकता अभियान में प्रदेशवासियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर के मानसरोवर और भीलवाड़ा के सदर बाजार में जाकर व्यापारियों और आमजन को जीएसटी सुधारों के लाभ से अवगत कराया। प्रत्येक जिले में प्रभारी मंत्री, जनप्रतिनिधि, जिला कलेक्टर और वाणिज्यिक कर विभाग के संयुक्त तत्वाधान में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। व्यापार मंडल, डॉक्टर, सीए-सीएस और अन्य पेशेवरों के साथ इंटरैक्टिव सेशन्स आयोजित किए गए, जिसमें उद्यमियों और आमजन को जीएसटी सुधारों का लाभ समझाया गया।
इस दौरान भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में ‘सेविंग वॉल’ लगाई गई, जिसमें सामान्य वस्तुओं पर पुराने और नए जीएसटी दरों का उल्लेख किया गया।
प्रचार-प्रसार के लिए नवाचार:
वाणिज्यिक कर विभाग ने जीएसटी सुधार से आमजन को हुई बचत की जानकारी देने के लिए मोबाइल ऐप बनाई। दुकानदारों को डिजिटल और फिजिकल स्टिकर प्रदान किए गए, जिनमें ‘जीएसटी 2.0 के फायदे लागू हैं’ लिखा गया। साथ ही, एफएम और रेडियो चैनलों पर जिंगल्स, सोशल मीडिया कैंपेन, विभागीय वेबसाइट और आईटी विभाग के वीडियो वॉल्स पर एनिमेशन के माध्यम से आमजन को जागरूक किया गया।
सभी वर्गों को हुआ लाभ:
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 22 सितंबर 2025 से लागू किए गए जीएसटी सुधार के बाद अब मुख्य रूप से दो दरें 5% और 18% प्रभावी हैं, जबकि विलासिता संबंधी वस्तुओं पर 40% टैक्स लगाया गया है और कम्पन्सेशन सेस हटाई गई है। इसके परिणामस्वरूप रोटी, कपड़ा, मकान और अन्य जरूरत की चीजें सस्ती हुई हैं। चिकित्सा और स्वास्थ्य क्षेत्र को भी इसका लाभ मिला है।
जीएसटी के प्रभाव:
2017 में जीएसटी लागू होने के बाद देश में करदाताओं की संख्या 66.5 लाख से बढ़कर 1.51 करोड़ हो गई है। राजस्थान में भी करदाता 4.34 लाख से बढ़कर 9.31 लाख हो गए हैं। राज्य का जीएसटी राजस्व लगातार बढ़ा है और वित्त वर्ष 2024-25 में यह 42,518 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
जीएसटी बचत उत्सव के माध्यम से आमजन, किसान, व्यापारी और उद्यमी सभी वर्गों को जीएसटी दरों में कटौती का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित हुआ।