लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
अजमेर से नितिन मेहरा
अजमेर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इस वर्ष एक नया इतिहास रचते हुए 12वीं (कला, विज्ञान, वाणिज्य) और वरिष्ठ उपाध्याय परीक्षा 2026 के परिणाम मार्च माह में ही घोषित कर दिए। आजादी के बाद पहली बार इतना जल्दी रिजल्ट जारी किया गया है।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने उदयपुर से ऑनलाइन परिणाम जारी करते हुए छात्रों के हित में कई बड़े और महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की।
छात्रों के लिए बड़े बदलाव
✅ अब होगा ‘पुनर्मूल्यांकन’
अब केवल रीटोटलिंग नहीं, बल्कि कॉपियों का पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) किया जाएगा, जिससे जांच में हुई त्रुटियों को सुधारा जा सके।
साल में दो बार बोर्ड परीक्षा
छात्रों का तनाव कम करने के लिए अब साल में दो बार बोर्ड परीक्षा होगी।
- पहली परीक्षा में कम अंक आने पर दूसरा मौका मिलेगा
- कम से कम 3 परीक्षाओं में बैठना अनिवार्य
कक्षा में मोबाइल पर पाबंदी
शिक्षकों को पढ़ाई के दौरान मोबाइल उपयोग नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अनुशासन बना रहे।
समय पर सुविधाएं
- 1 अप्रैल तक सभी सरकारी स्कूलों में पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध
- प्रवेशोत्सव के बाद स्कूल ड्रेस (गणवेश) वितरण
संकायवार परिणाम
विज्ञान वर्ग
- कुल परिणाम: 97.52%
- छात्राएं: 98.34%
- छात्र: 97.02%
कला वर्ग (सबसे ज्यादा विद्यार्थी)
- कुल परिणाम: 97.54%
- छात्राएं: 98.29%
- छात्र: 96.68%
वाणिज्य वर्ग
- कुल परिणाम: 93.64%
- छात्र: 94.04%
- छात्राएं: 92.82%
वरिष्ठ उपाध्याय
- कुल परिणाम: 97.20%
- छात्राएं: 97.77%
- छात्र: 96.46%
बेटियों का दबदबा कायम
इस साल भी सभी प्रमुख संकायों में छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों से बेहतर रहा, खासकर कला और विज्ञान वर्ग में।
शिक्षा पर सरकार का फोकस
शिक्षा मंत्री ने “प्रवेशोत्सव” पर जोर देते हुए अभिभावकों से बच्चों को स्कूल भेजने की अपील की। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा ही प्रदेश के विकास की आधारशिला है।
कुल मिलाकर, इस बार का परिणाम न सिर्फ रिकॉर्ड समय में आया, बल्कि नई नीतियों के साथ छात्रों के लिए शिक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, लचीला और न्यायसंगत बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हुआ।




















































