लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने आज एसएलपी संख्या 50 24 /2025 में पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और उनकी पत्नी अनामिका सिंह ,राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव ,प्रमुख शासन सचिव पर्यटन विभाग, प्रमुख शासन सचिव वित्त विभाग जयपुर, विद्युत वितरण निगम ,आबकारी आयुक्त जिला कलेक्टर अलवर सहित 10 लोगों को एक एसएलपी पर नोटिस जारी किया है ।
पूर्व मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह की बढ़ी परेशानी
यह नोटिस जस्टिस विक्रम नाथ एवं जस्टिस संदीप मेहता ने आरटीआई कार्यकर्ता अशोक पाठक की एसएलपी पर अलवर के सरिस्का बर्ड सेंचुरी क्षेत्र में राजकीय भूमि पर अवैध रूप से अतिक्रमण कर होटल संचालित करने, बड़े-बड़े जनरेटर लगाने, बिजली के 165 पोल से विद्युत कनेक्शन लेकर अवैध रूप से शराब सप्लाई करने को लेकर दी है। इस पर पूर्व में राजस्थान उच्च न्यायालय में पूर्व में दायर जनहित याचिका को राजस्थान उच्च न्यायालय में 15 सितंबर 2023 को राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश महेंद्र मोहन श्रीवास्तव एवं प्रवीर भटनागर की खंडपीठ द्वारा खारिज किए जाने के आदेश को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी प्रस्तुत की किए जाने पर दिए हैं । आपको बता दें कि आरटीआई कार्यकर्ता अशोक पाठक की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में एडवोकेट अजीत कुमार शर्मा पैरवी कर रहे हैं । उल्लेखनीय की राजस्थान उच्च न्यायालय में वर्ष 2013 में पीआईएल संख्या 20652/ 2013 प्रस्तुत की गई थी ,जिसे 15 सितंबर 2023 को इस आधार पर खारिज कर दिया गया था की याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत मुकदमों के विवरण में याचिकाकर्ता के विरुद्ध चार मुकदमे दर्ज है। आखिर आपराधिक मुकदमें होते हुए भी पीआईएल कैसे दायर की जा सकती है। जिसे सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई और इस चुनौती के आधार पर सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्व केंद्रीय मंत्री भवन जितेंद्र सिंह, उनकी पत्नी अनामिका सिंह सहित राजस्थान सरकार के करीब 10 अधिकारियों को एसएलपी पर नोटिस जारी किए हैं । ऐसे में आने वाले समय में भवन जितेंद्र सिंह और उनकी पत्नी अनामिका सिंह की परेशानी बढ़ सकती है।












































