लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
मनजीत सिंह ब्यूरो चीफ श्रीगंगानगर
ग्रामीणों में आक्रोश
खबर श्रीगंगानगर के रायसिंहनगर से है यहां गांव कालूवाला ढाबा में 14 दिन पहले पोस्त तस्करी के मामले में पुलिस द्वारा की गई नाकाबंदी अब गंभीर विवाद का कारण बन गई है। इस नाकाबंदी के दौरान एक तेज रफ्तार तस्कर की गाड़ी की चपेट में आए ग्रामीण काना राम निवासी 4 पीटीडी की इलाज के दौरान मौत हो गई। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है।
घटना की पृष्ठभूमि :-
23 जून को समेजा कोठी पुलिस द्वारा पोस्त तस्करी को लेकर भीड़भाड़ वाले इलाके में नाकाबंदी की गई थी। इसी दौरान एक तस्कर ने तेज रफ्तार में गाड़ी दौड़ाते हुए कई ग्रामीणों को कुचल दिया, जिसमें काना राम गंभीर रूप से घायल हो गया था। इलाज के दौरान 14 दिन तक जीवन-मृत्यु से संघर्ष करने के बाद उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने लगाए आरोप :-
मृतक के परिजनों का कहना है कि नाकाबंदी की योजना में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिससे यह हादसा हुआ। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग की है। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी रखी है।
ग्रामीणों का धरना-प्रदर्शन :-
घटना के विरोध में ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। समेजा कोठी व रामसिंहपुर थाने का पुलिस जाब्ता मौके पर तैनात है, और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल :-
अब तक प्रशासन या पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे लोगों में और ज्यादा नाराजगी देखी जा रही है।
