लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
19 फरवरी तक संचालित होगा विशेष अभियान 2.0
मनजीत सिंह | ब्यूरो चीफ, श्रीगंगानगर
श्रीगंगानगर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्ध राजस्थान सरकार द्वारा संचालित प्रेरणा गर्भावस्था पंजीकरण तथा प्रारम्भिक बाल्यावस्था, शिक्षा एवं पोषण जागरूकता विशेष अभियान 2.0 से महिलाओं और बालकों को मजबूत संबल मिलेगा। अभियान के सफल संचालन के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक डॉ. ऋषभ जैन ने बताया कि जिला कलक्टर डॉ. मंजू के निर्देशन में यह अभियान 19 जनवरी से 19 फरवरी 2026 तक श्रीगंगानगर जिले में संचालित किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य एवं शिक्षा को सुदृढ़ बनाना है।
शाला पूर्व शिक्षा पर विशेष जोर
अभियान के तहत 3 से 6 वर्ष के बच्चों की शाला पूर्व शिक्षा को अधिक उपयोगी बनाया जाएगा। इसके लिए बच्चों का पंजीकरण एवं उपस्थिति बढ़ाने के साथ-साथ उनके समग्र विकास के लिए प्रभावी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
अभियान की मुख्य थीम “शाला पूर्व शिक्षा—मजबूत भविष्य की नींव” रखी गई है।
गर्भावस्था पंजीकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर फोकस
गर्भावस्था पंजीकरण के अंतर्गत सही पोषण एवं देखभाल, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषाहार, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण एवं पोषण शिक्षा से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
उल्लेखनीय है कि प्रेरणा अभियान का प्रथम चरण 18 नवंबर से 19 दिसंबर 2025 तक संचालित किया गया था, जबकि दूसरा चरण अब 19 फरवरी 2026 तक चलेगा।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना पर विशेष कार्य
अभियान के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत लाभार्थियों का पंजीयन, सत्यापन, टीकाकरण अनुमोदन, पेमेंट जनरेशन, शून्य पंजीयन वाले आंगनबाड़ी केंद्रों में पात्र लाभार्थियों की पहचान कर पंजीकरण, आधार से बैंक खाता लिंकिंग एवं सभी पंजीकृत लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
पोषण और बाल विकास से जुड़ी प्रमुख गतिविधियां
अभियान के तहत पोषण ट्रेकर पर लाभार्थियों की आभा आईडी, 3 से 6 वर्ष के बच्चों की अपार आईडी बनाना, पोषण वाटिकाओं का विकास, चैम्पियन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का चयन, अतिकुपोषित बच्चों की पहचान कर गाइडलाइन अनुसार कार्यवाही तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के अंतर्गत छूटी हुई पात्र गर्भवती एवं धात्री महिलाओं का पंजीकरण भी किया जाएगा।
यह अभियान जिले में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण एवं शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।















































