Home education प्रशासन ने आंखे मूंदी, बच्चे खुले में पढ़ने को मजबूर!

प्रशासन ने आंखे मूंदी, बच्चे खुले में पढ़ने को मजबूर!

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

फुलेरा, जयपुर ग्रामीण से -हेमन्त शर्मा की रिपोर्ट
स्लग: हादसों के इंतजार में विद्यालय भवन,

ड़ की ढाणी स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की हालत बद से बदतर,
चार साल से शिकायतों के बावजूद नहीं सुधरे हालात

विधायक ने दो लाख स्वीकृत किए , जिला परिषद ने कैंसिल

खबर जयपुर के फुलेरा से है जहाँ “देश का भविष्य तो खुले आसमान के नीचे किताबें खोल कर बैठा है… और जिम्मेदार अधिकारी अब भी आंखें मूंदे हुए हैं। फुलेरा के काचरोदा पंचायत के बड़ की ढाणी स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि वह कभी भी किसी बड़े हादसे का गवाह बन सकता है।” जहाँ भवन की टपकती छतें, छेदों से दिखता आसमान, टीन शेड के नीचे बैठे बच्चे आसानी से देखे जा सकते है ।
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, बड़ की ढाणी आठ कमरों वाला यह स्कूल अब डर का पर्याय बन चुका है। विद्यालय की हर छत में बड़े-बड़े छेद हो चुके हैं।

प्रधानाचार्य पुरण मल नायक पिछले चार वर्षों से शिक्षा विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को करा रहे है अवगत

बरसात में पानी भरने से हालात और भी खराब हो जाते हैं।
प्रधानाचार्य पुरण मल नायक ने बताया कि “हम पिछले चार वर्षों से शिक्षा विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को लगातार पत्र लिखकर और व्यक्तिगत रूप से इस भयावह स्थिति से अवगत करवा चुके हैं। लेकिन अब तक केवल झूठे आश्वासन ही मिले हैं।” विद्यालय के आठ में से छह कमरे पढ़ाई के लिए उपयोग किए जा रहे हैं, एक में ऑफिस और एक में रसोई। लेकिन अब हालात ऐसे हो गए हैं कि सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों को टीन शेड के नीचे खुले में पढ़ाया जा रहा है।

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