लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
मनजीत सिंह, ब्यूरो चीफ श्रीगंगानगर
श्रीगंगानगर। समग्र शिक्षा के उद्देश्यों की प्राप्ति एवं शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए राजस्थान सरकार द्वारा समय-समय पर विभिन्न नवाचार किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों के तहत विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) के सदस्यों का दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया, ताकि विद्यार्थियों का नामांकन और ठहराव सुनिश्चित हो सके तथा विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं, स्वच्छ वातावरण और सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
यह प्रशिक्षण श्रीगंगानगर जिले के ब्लॉक श्रीकरणपुर के गांव 40 एफ स्थित पीएम श्री विद्यालय राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ एसएमसी अध्यक्ष मनजीत सिंह, प्रधानाध्यापक राजेंद्र कुमार आनंद, वार्ड पंच हरप्रीत कौर, बबली रानी एवं संदर्भ व्यक्ति वरिष्ठ अध्यापक कन्हैया लाल खरलां द्वारा किया गया। शिक्षक मांगीलाल ने प्रार्थना एवं प्रेरक गीत के माध्यम से कार्यक्रम की शुरुआत की।
प्रशिक्षण के दौरान निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009, National Education Policy 2020 के मुख्य उद्देश्य, बाल संरक्षण, लाडो योजना, अक्षय पेटिका, Swachh Bharat Mission, जेंडर संवेदनशीलता, हरित विद्यालय, बालिका शिक्षा, वार्षिक कार्य योजना, मिड डे मील, बाल गोपाल योजना एवं जन सहयोग ज्ञान संकल्प पोर्टल आदि विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी विद्यालय के सर्वांगीण विकास में प्रबंधन समिति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, जो बच्चों की शिक्षा एवं आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था में प्रमुख कड़ी का कार्य करती है।
प्रधानाध्यापक राजेंद्र कुमार आनंद ने विद्यालय के विकास में सहयोग देने वाले भामाशाहों की जानकारी साझा की और समिति सदस्यों के योगदान की सराहना की। इस अवसर पर स्वर्गीय दरबारा सिंह को स्मरण किया गया। उनके अमेरिका में निवास कर रहे पुत्र द्वारा 1 लाख 25 हजार रुपये की लागत से विद्यालय का प्रवेश द्वार बनवाया गया। साथ ही वार्षिक उत्सव के अवसर पर नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी के 25 विद्यार्थियों तथा 39 एफ के 11 विद्यार्थियों को पीएम श्री लोगो युक्त स्कूल बैग वितरित किए गए तथा प्रवेश द्वार के रंग-रोगन हेतु 11 हजार रुपये की राशि दान दी गई।
समाजसेवी ललित बंसल ने बौद्धिक संवर्धन पर रोचक जानकारी दी, जबकि शारीरिक शिक्षक जसवीर सिंह ने बताया कि ग्रामवासियों एवं दानदाताओं के सहयोग से विद्यालय में भौतिक संसाधनों एवं सौंदर्यीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
प्रशिक्षण की समाप्ति पर विद्यालय द्वारा प्रबंधन समिति सदस्यों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। समिति सदस्य सोनू, डॉ. छिंद्र सिंह, संदीप कुमार एवं सलेम ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से दायित्वों की समझ बढ़ती है तथा क्षमता संवर्धन में भी सहायता मिलती है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में अरविंद कुमार, ओमप्रकाश, मनीष, रविंद्र कौर एवं अमनदीप कौर का विशेष योगदान रहा।

















































