पीबीएम अस्पताल के ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ.गौरव गुप्ता ने किया 200वां कॉक्लियर इम्प्लांट 

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क 

विजय कपूर की रिपोर्ट
बीकानेर। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज से संबंद्ध पीबीएम के ईएनटी विभाग को बड़ी सफलता प्राप्त हूई है। बीते शुक्रवार को सुपर स्पेशलिटी हॉस्टिल में नोखा के 3 वर्षीय मरीज का ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव गुप्ता ने 200वां सफल कॉक्लियर इम्प्लांट किया यह ऑपरेशन मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत पूर्णतया निःशुल्क किया गया। डॉ. गौरव गुप्ता ने बताया कि पीबीएम अस्पताल प्रदेश का दुसरा सबसे बड़ा कॉक्लियर इम्प्लांट केंद्र है। इस ऑपरेशन के लिए प्राचार्य डॉ. गुंजन सोनी के सहयोग से मरीज के लिए ऑपरेशन से संबंधित निःशुल्क चिकित्सा व्यवस्थाएं उपलब्ध करवायी गई।प्राचार्य डॉ गुंजन सोनी ने बताया कि कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी से जुड़ी समस्त चिकित्सा सामग्री राज्य सरकार की मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोगय योजना के तहत निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है राज्य के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बड़ा लाभ मिल रहा है।उन्होंने बताया कि एसपी मेडिकल कॉलेज में उत्तर भारत का सर्वप्रथम डेडिकेटेड मॉड्यूलर कॉक्लियर इंप्लांट ऑपरेशन थियेटर 2 वर्ष पूर्व स्थापित किया गया था जिसमे दुनिया की सर्वश्रेष्ठ उपकरण उपलब है ।सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक की अधीक्षक एवं एनिस्थीसिया विभाग की सीनियर प्रोफेसर डॉ सोनाली धवन ने बताया कि इस ब्लॉक के माध्यम से मरीजों को उच्च गुणवत्ता युक्त सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं और हमारी टीम द्वारा सफलतापूर्वक इतने कोक्लियर इंप्लांट किया जाना मरीजों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का परिचायक है ।ईएनटी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ गौरव गुप्ता , ने बताया कि यह उपलब्धि हमारे सामूहिक प्रयास और उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता का परिणाम है। उन्होंने टीम के सभी सदस्यों और प्रशासन का इस कार्य में समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।डॉ गुप्ता ने बताया कि यह सर्जरी उन मरीजों के जीवन में आशा की नई किरण लाती है, जो सुनने की क्षमता खो चुके होते हैं।
डॉ गुप्ता ने कहा कि हमारे सेंटर में अब तक किए गए सभी 200 कोकलियर इम्प्लांट्स सफल रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह सफर इतना आसान नहीं था। हर मरीज की जटिलताएं और जरूरतें अलग-अलग होती हैं, लेकिन हमारी टीम ने हर चुनौती को स्वीकार कर उसे सफलता में बदला।कोकलियर इम्प्लांट की महत्ता कोकलियर इम्प्लांट एक उन्नत सर्जिकल प्रक्रिया है, जो जन्मजात या अधिग्रहीत बधिरता से पीड़ित व्यक्तियों को सुनने की क्षमता प्रदान करती है। इस प्रक्रिया में एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगाया जाता है, जो श्रवण तंत्रिका को उत्तेजित करता है और रोगी को सुनने में मदद करता है ।सर्जरी की टीम ऑपरेशन करने की टीम मैं विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ गौरव के अलावा ई न टी विभाग के प्रोफेसर डॉ विवेक सामोर, डॉ शेफाली गोयत, डॉ हिमांशु ,एनेस्थीसिया टीम के डॉ. पीरू सिंह भाटी, डॉ सत्य प्रकाश , डॉ गरिमा शर्मा, डॉ मोहित शर्मा, स्पीच थेरेपिस्ट कौशल शर्मा , ओटी स्टाफ शशिकांत , अशोक एवम मनीष शामिल थे । इसके अतिरिक्त ई न टी विभाग के सौफीन भाटी एवम इमरान का विशेष सहयोग रहा ।इस उपलब्धि का एक छोटा समारोह सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में वरिष्ठ फैकल्टी सदस्यों, कोकलियर इम्प्लांट टीम, एनेस्थीसिया विभाग, पीडिट्रक सर्जरी, न्यूरोसर्जरी , गैस्ट्रो सर्जरी के वरिष्ठ चिकित्सक,, ऑपरेशन थिएटर स्टाफ और ओपीडी स्टाफ की उपस्थिति में मनाया गया। इस अवसर पर केक कटिंग किया गया, जिसमें टीम के सभी सदस्यों ने अपनी खुशी व्यक्त की।भविष्य की योजनाएं डॉ. गुंजन सोनी ने कहा कि इस सफलता से प्रेरित होकर महाविद्यालय और अधिक मरीजों तक यह सुविधा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी योजना है कि आने वाले वर्षों में और अधिक उन्नत तकनीकों और प्रक्रियाओं को अपनाकर मरीजों को लाभान्वित किया जाए ।।उन्होंने बोला कि समाज में बधिरता और कॉक्लियर इम्प्लांट की उपयोगिता के बारे में जागरूकता फैलाने की जरूरत है। इस दिशा में कॉलेज का विभाग सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

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