परिवार में परंपरा बना नेत्रदान, पिता के बाद माँ का भी संपन्न

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

बाराँ। शहर में नेत्रदान के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है। शोक की घड़ी में भी बसंत विहार निवासी गुप्ता परिवार ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए माता-पिता दोनों का नेत्रदान संपन्न कराया।

अक्टूबर 2024 में हरिमोहन गुप्ता के आकस्मिक निधन के बाद उनके पुत्र प्रमोद गुप्ता एवं उत्तम गुप्ता ने पिताजी का नेत्रदान कराया था। नेत्रदान के पश्चात डॉ. कुलवंत गौड़ द्वारा दी गई जानकारी से परिवार में इस पुनीत कार्य के प्रति सकारात्मक सोच और मजबूत हुई।

इसी क्रम में मंगलवार देर रात कोटा के एक निजी अस्पताल में उनकी माताजी रमा कुमारी का आकस्मिक निधन हो गया। परिजनों ने पार्थिव शरीर को बाराँ लाने से पूर्व कोटा में ही शाइन इंडिया फाउंडेशन के माध्यम से डॉ. कुलवंत गौड़ द्वारा नेत्रदान की प्रक्रिया पूर्ण कराई।

उत्तम गुप्ता ने कहा, “पिताजी के नेत्रदान के बाद हमें संतोष था कि वे किसी की आँखों में रोशनी बनकर जीवित हैं। उसी भावना से हमने माँ का भी नेत्रदान कराने का निर्णय लिया।”

भारत विकास परिषद के अध्यक्ष नरेश खंडेलवाल ने कहा कि नेत्रदान जैसे कार्य समाज में संवेदनशीलता और आशा का संदेश देते हैं। वहीं शाइन इंडिया फाउंडेशन के संयोजक हितेश खंडेलवाल ने गुप्ता परिवार के निर्णय को प्रेरणादायक बताया।

संस्था एवं परिषद ने परिवार के इस मानवीय कदम के प्रति आभार व्यक्त किया।

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