लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
उनियारा (सत्यप्रकाश मयंक)।
उपखंड क्षेत्र के श्री दिगंबर जैन सुखोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र सुथड़ा में जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पारसनाथ का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया।
प्रबंध समिति मंत्री बसंत जैन एवं सह-कोषाध्यक्ष मनोज जैन ने बताया कि भगवान पारसनाथ जैन धर्म के तेइसवें तीर्थंकर हैं। उन्होंने सत्य, अहिंसा, अस्तेय और अपरिग्रह जैसे चार महाव्रतों की शिक्षा दी, जो जैन धर्म के मूल सिद्धांत हैं। जैन धर्म में अहिंसा के सिद्धांत को स्थापित करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनकी शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक मानी जाती हैं और मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करती हैं। भगवान पारसनाथ के नाम पर झारखंड स्थित पारसनाथ पहाड़ी जैन समाज का एक प्रमुख तीर्थ स्थल है।
महोत्सव के तहत प्रातः मंगलाष्टक के साथ नित्य अभिषेक एवं शांति धारा संपन्न हुई। इसके पश्चात देव-शास्त्र पूजा तथा चौबीसी पूजा कर मूलनायक भगवान की विधिवत आराधना की गई। जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव पूरे विधि-विधान से मनाया गया।
भक्तामर संयोजक हुक्मचंद जैन एवं नरेंद्र जैन बनेठा ने बताया कि सायं साढ़े छह बजे दीपार्चना का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान संपूर्ण तीर्थ क्षेत्र भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर रहा।

















































