लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
पादूकलां। अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेड़ता अरुण कुमार बेरीवाल के निर्देशानुसार राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) के महत्वाकांक्षी पायलट प्रोजेक्ट ‘सृजन की सुरक्षा’ के क्रियान्वयन हेतु ग्राम पंचायत पादूकलां का चयन किया गया है। इस संबंध में बुधवार, 17 दिसंबर 2025 को ग्राम पंचायत कार्यालय में समन्वय एवं जागरूकता बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण स्वाति शर्मा ने की। सचिव शर्मा ने बताया कि ग्राम पंचायत जारोड़ा कलां के बाद अब पादूकलां को भी इस पायलट प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। यह योजना राजसमंद जिले के पिपलांत्री मॉडल से प्रेरित है और ईको–फेमिनिज्म की अवधारणा पर आधारित है।
परियोजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं का सशक्तिकरण, कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम, बालिका शिक्षा को बढ़ावा, पोक्सो अधिनियम के तहत अपराधों की रोकथाम और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत चयनित क्षेत्र में जन्म लेने वाली प्रत्येक नवजात बालिका को ‘हरित बालिका’ के रूप में चिन्हित किया जाएगा। विभिन्न विभागों के समन्वय से बालिकाओं को चिकित्सा सुविधाएं, स्वास्थ्य योजनाओं, शैक्षिक अवसर एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जाएगा। साथ ही बालिका के जन्म पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जाएगा।
बैठक में सीएचसी पादूकलां से डॉ. राशिका शर्मा, ग्राम विकास अधिकारी संदीप गोदारा, शिक्षा विभाग से श्रीराम खोजा, महिला एवं बाल विकास विभाग से नारायण सिंह व अमजद खान, वन विभाग से संतोष, ग्राम पंचायत प्रशासक रामप्यारी देवी फडौदा, पूर्व सरपंच लक्ष्मणराम मेहरा सहित अन्य अधिकारियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, विद्यालय की बालिकाओं और ग्रामवासियों ने भाग लिया।
सचिव स्वाति शर्मा ने रालसा के राज्यव्यापी अभियान ‘न्याय आपके द्वार’ की जानकारी दी। उन्होंने स्थायी लोक अदालत, आवेदन प्रक्रिया और 21 दिसंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला और अधिक से अधिक लोगों से इसका लाभ उठाने का आह्वान किया।


















































