लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
रिटायरमेंट के बाद वरिष्ठ नागरिकों को अकेलापन और नकारात्मक ऊर्जा से बचाना…
भरतपुर -“ओल्ड इज गोल्ड” संस्था की स्थापना वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक वरदान साबित हो रही है। इस संस्था का उद्देश्य रिटायरमेंट के बाद वरिष्ठ नागरिकों को अकेलापन और नकारात्मक ऊर्जा से बचाना है। संस्था के पदाधिकारी सुबह एक पार्क में एकत्रित होते हैं और साथ में घूमने, बैठने, फिल्मी गाने गाने और चुटकुले सुनाकर मनोरंजन करते हैं। इसके अलावा, वे एक दूसरे के दुख-सुख को भी साझा करते हैं।
ओल्ड इज गोल्ड” संस्था के अध्यक्ष 71 वर्षीय इंजीनियर जीवन लाल शर्मा ने बताया कि यह संस्था सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्य करने वाली एक संस्था है।
यह संस्था वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनाई गई है। इसकी स्थापना 1 दिसंबर 2024 को की गई थी। ज्यादातर देखा जाता है कि वरिष्ठ नगरिक इस बिजी लाइफ में परेशान है।बच्चे इनको समय नहीं दे पाते है।
मानसिक तनाव के चलते कही प्रकार की बीमारियां जन्म ले लेती हैं।
हम सभी लोग शास्त्री पार्क में एकत्रित होते है.जहां एक दूसरे का दुख साझा करते है।
इसके अलावा हंसी मजाक,चुकुटकुले और पुरानी फिल्मी गाने ,भजन सुनाकर मनोरंजन करते हैं।
संस्था के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भारत शर्मा ने बताया कि सीनियर सिटीजनों को घर में अकेलापन महसूस होता है उनकी सुनने वाला कोई नहीं होता है यहां हम लोग एक मंच पर बैठकर एक दूसरे के दुखों को साझा करते हैं और अगर कोई बीमार होता है तो उसके घर देखभाल के लिए जाते हैं दवाई लाने के साथ अस्पताल में दिखाने का काम भी संस्था के पदाधिकारियों द्वारा किया जाता है।
संस्था के जिला अध्यक्ष उमेश शर्मा ने बताया कि इस संस्था से सीनियर सिटिजन धीरे धीरे जुड़ रहे है।
जब हम लोग एक साथ बैठते हैं तो देश की गंभीर समस्या पर विचार विमर्श करते हैं साथ ही कोई भी पर्व होता है उसे एक दूसरे के साथ मनाते हैं।
देश में कोई बड़ा हादसा होता है उसमें शिकार हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
इसके अलावा हमारे द्वारा वृक्षारोपण के साथ रक्तदान जैसे कार्यक्रम किए जाते हैं।













































