लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
संतों ने सामाजिक समरसता व एकता का दिया संदेश, करणी माता मंदिर तक निकली भव्य यात्रा
पादूकलां। निकटवर्ती नथावडी में मंगलवार को आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन अभूतपूर्व भीड़ और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। साधु-संतों के सान्निध्य में निकली विशाल कलश एवं शोभायात्रा में हजारों महिला-पुरुषों और युवाओं ने भाग लिया। कस्बे के मुख्य मार्ग भगवा ध्वजों से सजे नजर आए और जय श्रीराम के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा।
आयोजन समिति एवं नथावडी मंडल के तत्वावधान में शोभायात्रा चारभुजा मंदिर नथावडी से प्रारंभ होकर सदर बाजार, प्रमुख मार्गों और विभिन्न मोहल्लों से होती हुई करणी माता मंदिर नथावडी रोड पहुंची। महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर मंगल गीत गाए, जबकि युवाओं ने हाथों में भगवा ध्वज लेकर धार्मिक उद्घोष किए।
संतों का मार्गदर्शन, एकता पर जोर
सम्मेलन की अध्यक्षता महामंडलेश्वर संतदासजी महाराज ने की। विशिष्ट अतिथि महंत राधादास त्यागी जी महाराज रहे तथा मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग घोष प्रमुख विनोद कुमार थे। मंच पर शंकर सिंह, इंदर सिंह, बाबूलाल तिवाड़ी, मनसुख प्रजापत, सियाराम भादू, पादूकलां उपखंड कार्यवाहक रविशंकर जोशी, रूघाराम, घासीराम चोटिया, बक्साराम भादू, गोपालराम भादू सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने समाज में समरसता और एकजुटता पर बल देते हुए कहा कि जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर संगठित समाज ही राष्ट्र को सशक्त बना सकता है। स्वतंत्रता संग्राम के वीरों—रानी लक्ष्मीबाई, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आज़ाद तथा महात्मा गांधी—के बलिदान को स्मरण करते हुए युवाओं से राष्ट्रहित में जागरूक रहने का आह्वान किया गया।
संतदासजी महाराज ने कहा कि सनातन संस्कृति की आधारशिला अहिंसा, करुणा और परिवार व्यवस्था है। बच्चों को भारतीय संस्कार, रामायण और गीता का ज्ञान तथा सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ना समय की मांग है।
देश की एकता का लिया संकल्प
सम्मेलन के अंत में देश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा का सामूहिक संकल्प लिया गया। आयोजन उत्साह, अनुशासन और धार्मिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति और सामाजिक एकजुटता का संदेश प्रसारित हुआ।














































