लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा लागू की जा रही नई श्रम संहिताएं श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार हैं। ये श्रमिकों और नियोक्ताओं दोनों के हितों की रक्षा करते हुए औद्योगिक विकास और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को गति देंगी।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में नई श्रम संहिताओं के समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नियुक्ति पत्र और सामाजिक सुरक्षा होगी सुनिश्चित
शर्मा ने कहा कि नई संहिताओं के अनुसार सभी श्रमिकों को नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य किया गया है, जिससे—
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श्रमिकों को औपचारिक रोजगार मिलेगा
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सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सुनिश्चित होगा
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समय पर वेतन और वेतन समानीकरण से आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी

महिला श्रमिकों के लिए बढ़ेंगे अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई श्रम संहिताएं कार्यस्थल पर महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देंगी।
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महिलाओं की सहमति से रात्रिकालीन पारी में कार्य करने की अनुमति
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खतरनाक प्रक्रिया वाले कार्यों में भी अवसर
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इससे उच्च वेतन वाले रोजगार प्राप्त करने में मदद मिलेगी
श्रमिक कल्याण योजनाओं का पारदर्शी क्रियान्वयन जरूरी
उन्होंने निर्देश दिया कि श्रमिक कल्याण योजनाओं में सुधार किए जाएं और उनका क्रियान्वयन पूरी पारदर्शिता से हो, ताकि श्रमिकों को आर्थिक व सामाजिक रूप से सशक्त बनाया जा सके।
चार संहिताओं में 29 श्रम कानून समाहित
बैठक में अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि केन्द्र सरकार ने 29 पुराने श्रम कानूनों को मिलाकर चार श्रम संहिताएं बनाई हैं—
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मजदूरी संहिता
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औद्योगिक संबंध संहिता
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सामाजिक सुरक्षा संहिता
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व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां संहिता
केंद्र द्वारा पुनः प्रारूप नियम जारी होने पर राज्य सरकार भी नियम प्रकाशित कर सुझाव/आपत्तियां आमंत्रित करेगी।
बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।




















































