लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
600 से अधिक प्रदर्शकों के साथ भारत की AI ताकत का प्रदर्शन
नई दिल्ली | टेक्नोलॉजी डेस्क
राजधानी नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ का दूसरा दिन भी उत्साह और नवाचार से भरपूर रहा। इस वैश्विक मंच पर दुनियाभर के नीति-निर्माता, टेक कंपनियों के प्रमुख, स्टार्टअप संस्थापक, शोधकर्ता और निवेशक एकत्र हुए हैं। समिट में 600 से अधिक प्रदर्शक भाग ले रहे हैं, जो भारत की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) क्षेत्र में तेज़ी से बढ़ती क्षमता को प्रदर्शित कर रहे हैं।
उद्घाटन और मुख्य संबोधन
समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने AI को “21वीं सदी की परिवर्तनकारी शक्ति” बताते हुए कहा कि भारत तकनीक को मानव-केंद्रित दृष्टिकोण से आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि AI का उपयोग सामाजिक समावेशन, स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए किया जाना चाहिए।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार भारत को वैश्विक AI हब बनाने के लिए नीतिगत और बुनियादी ढांचा समर्थन दे रही है। उन्होंने स्वदेशी AI मॉडल, डेटा सेंटर विस्तार और स्किल डेवलपमेंट पर विशेष फोकस की जानकारी दी।

600+ प्रदर्शकों का टेक शोकेस
समिट में 600 से अधिक भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां, स्टार्टअप्स और रिसर्च संस्थान भाग ले रहे हैं। प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं:
-
हेल्थकेयर में AI आधारित डायग्नोस्टिक समाधान
-
कृषि क्षेत्र के लिए प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स टूल
-
भारतीय भाषाओं पर आधारित जनरेटिव AI मॉडल
-
साइबर सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र के लिए AI प्लेटफॉर्म
-
स्मार्ट सिटी और ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम
कई भारतीय स्टार्टअप्स ने ऐसे AI समाधान प्रस्तुत किए हैं जो ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों की समस्याओं को ध्यान में रखकर विकसित किए गए हैं।
‘मेड इन इंडिया’ AI मॉडल पर जोर
समिट में स्वदेशी AI मॉडल और भारतीय डेटा पर प्रशिक्षित भाषा मॉडल विकसित करने पर विशेष चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि भारत को अपनी भाषाई विविधता और बड़े डिजिटल यूजर बेस का लाभ उठाते हुए वैश्विक AI प्रतिस्पर्धा में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।
सरकार द्वारा राष्ट्रीय AI मिशन, कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी मंच पर रेखांकित किया गया।
निवेश और साझेदारियां
समिट के दौरान कई भारतीय और विदेशी कंपनियों के बीच साझेदारी समझौते (MoUs) पर हस्ताक्षर हुए। निवेशकों ने भारतीय AI स्टार्टअप इकोसिस्टम में बढ़ती संभावनाओं पर भरोसा जताया।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत AI, डेटा साइंस और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर तेजी से बढ़ सकता है।
आगे की राह
‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि नीति-निर्माण, उद्योग सहयोग और तकनीकी नवाचार का बड़ा मंच बनकर उभरा है।
विश्लेषकों के अनुसार, यदि नीतिगत समर्थन, स्किल डेवलपमेंट और डेटा सुरक्षा ढांचा मजबूत रहता है, तो भारत वैश्विक AI इकोसिस्टम में एक निर्णायक भूमिका निभा सकता है।