लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
व्यवस्था पर आक्रोश:
डीएमएफटी योजना में स्वीकृति के बावजूद नेवरिया–जवासिया खेड़ा मार्ग बदहाल, जनता परेशान
चित्तौड़गढ़ | चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत राशमी उपखंड की नेवरिया से जवासिया खेड़ा (भीलवाड़ा जिला) तक लगभग 2.5 किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क आज भी क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। इस सड़क का अब तक डामरीकरण नहीं होने से आमजन, मजदूर, विद्यार्थी और मरीज रोजाना परेशानियों का सामना करने को मजबूर हैं।
15 वर्षों से जारी मांग, आश्वासन ही आश्वासन
ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले 15 वर्षों से लगातार सड़क डामरीकरण की मांग कर रहे हैं। चुनावी सभाओं में विधायक जीनगर और सांसद सी.पी. जोशी द्वारा भी सड़क निर्माण शीघ्र कराने के आश्वासन दिए गए थे।
इसके अलावा सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी चित्तौड़गढ़, मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी जयपुर, जिला कलेक्टर और मुख्यमंत्री तक पत्राचार किया जा चुका है।
ग्रामीणों ने 181 हेल्पलाइन, मासिक जनसुनवाई, जनसंपर्क पोर्टल, सीएम पोर्टल और प्रधानमंत्री सड़क ऐप पर भी कई बार शिकायतें दर्ज कराईं। सड़क की बदहाली कई बार समाचार पत्रों की सुर्खियां बनी, लेकिन जमीनी स्तर पर आज तक कोई कार्य शुरू नहीं हो पाया।
दो जिलों और दो विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ने वाला मार्ग
यह सड़क चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा—दोनों जिलों को जोड़ने के साथ-साथ दो विधानसभा क्षेत्रों को सीधे जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन सैकड़ों लोग और मजदूर इसी मार्ग से आवागमन करते हैं।
उल्लेखनीय है कि सड़क निर्माण को डीएमएफटी योजना की गवर्निंग काउंसिल सहित पूर्व की कई बैठकों में सम्मिलित कर अनुमोदन और वित्तीय स्वीकृति भी दी जा चुकी है।
सड़क कार्य आदेश का विवरण
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कार्य का नाम: BT Road Neveriya to Jawasiya (DMFT Scheme)
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स्वीकृत राशि: 70.00 लाख रुपये
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कार्यादेश राशि: ₹63,40,982
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कार्यादेश दिनांक: 13/10/2023
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संवेदक: श्री सांवलिया एंटरप्राइजेज, कांटी (गंगरार)
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कार्यकारी एजेंसी: सार्वजनिक निर्माण विभाग, खंड चित्तौड़गढ़ (राज.)
बरसात में हालात और गंभीर
बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति और भी भयावह हो जाती है। उदयपुर रेफर होने वाले मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में दिक्कत आती है, वहीं 108 एंबुलेंस भी कई बार समय पर नहीं पहुंच पाती। आसपास के गांवों के विद्यार्थियों को स्कूल और कॉलेज जाने में भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
क्षेत्रवासियों की स्पष्ट मांग
क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि डीएमएफटी योजना में स्वीकृत सड़क निर्माण कार्य यदि वर्तमान संवेदक द्वारा नहीं किया जा रहा है, तो उसे तत्काल निरस्त (विड्रॉल) कर किसी अन्य संवेदक को कार्य सौंपा जाए और शीघ्र डामरीकरण कराया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि जब योजना स्वीकृत है, राशि जारी है और कार्यादेश भी हो चुका है, तो फिर जनता को लापरवाही की सजा क्यों भुगतनी पड़ रही है—यह सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है।




















































