लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में राजस्थान के वित्तीय प्रबंधन और सामाजिक नवाचारों की सराहना
जयपुर। भारत सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में राजस्थान के वित्तीय प्रबंधन, सामाजिक स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचारों और प्रशासनिक सुधारों को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने वित्तीय अनुशासन, संसाधनों के कुशल उपयोग और विकासोन्मुखी खर्च के माध्यम से राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है।
मुख्य वित्तीय उपलब्धियां
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वर्ष 2023-24 में राजस्व घाटा 38,954 करोड़ रुपए था, जो वर्ष 2024-25 में घटकर 31,939 करोड़ रुपए और 2025-26 के बजट अनुमान में 31,009 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है।
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मुद्रास्फीति 2023-24 में 6.39% थी, जो 2024-25 में घटकर 4.34% हुई। अप्रैल–दिसंबर 2025-26 में खुदरा मुद्रास्फीति केवल 0.81% रही।
सामाजिक क्षेत्र में बेस्ट प्रैक्टिसेज
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कैश प्लस मॉडल: प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर और बारां में मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना का लाभ अंतरण एकीकृत किया गया। इसके तहत पोषण पर व्यवहार परिवर्तन और महिला जागरूकता को बढ़ावा दिया गया।
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लाभार्थियों द्वारा पोषण के लिए नकद खर्च 30% से बढ़कर 89% हुआ।
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गर्भवती महिलाओं का वजन 35% अधिक बढ़ा और बच्चों को अधिक विविध आहार मिला।
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करियर एजुकेशन प्रोग्राम: कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को करियर मार्गदर्शन और कौशल-आधारित शिक्षा प्रदान की जा रही है।
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ग्राम पंचायत स्तर पर संसाधन संरक्षण: साझा प्राकृतिक संसाधनों की मैपिंग, दस्तावेजीकरण और संरक्षण।
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भवन योजना सुधार: थर्ड-पार्टी निरीक्षण के माध्यम से भवन अनुमोदन प्रक्रिया पारदर्शी बनाई गई।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि वित्तीय अनुशासन और विकासोन्मुखी नीतियों से राजस्थान की आर्थिक बुनियाद मजबूत हो रही है। आर्थिक सर्वेक्षण में राज्य की सफल वित्तीय और सामाजिक पहलों को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो राजस्थान को मॉडल राज्य बनाने में सहायक होंगी।










































