लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
प्रवासी राजस्थानियों से राज्य के विकास में योगदान का आह्वान
सूरत/जयपुर ।
भजनलाल शर्मा ने गुजरात के सूरत में आयोजित प्रवासी राजस्थानी मीट में कहा कि प्रवासी राजस्थानियों की उपलब्धियां प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत हैं। उन्होंने प्रवासी राजस्थानियों से आह्वान किया कि वे अपनी कर्मभूमि के साथ मातृभूमि के विकास में भी सतत योगदान दें।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान गुजरात और राजस्थान के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग को और मजबूत बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि दोनों राज्य मिलकर एक सशक्त औद्योगिक कॉरिडोर का निर्माण कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र में रोजगार और निवेश के अवसरों में वृद्धि होगी।
“राजस्थान को जेम्स एंड ज्वेलरी हब बनाएं”
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि सूरत हीरे की कटाई और सिंथेटिक टेक्सटाइल्स के लिए विश्व प्रसिद्ध है, वहीं राजस्थान रंगीन पत्थरों, कुंदन, मीनाकारी और रत्नों के लिए जाना जाता है। उन्होंने सुझाव दिया कि दोनों राज्यों के संयुक्त प्रयासों से राजस्थान को विश्व का “जेम्स एंड ज्वेलरी हब” बनाया जा सकता है।
प्रवासी राजस्थानी सम्मान पुरस्कार की घोषणा
मुख्यमंत्री ने प्रवासी राजस्थानियों को 10 दिसंबर को जयपुर में आयोजित होने वाले ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ में भाग लेने का आमंत्रण दिया। इस अवसर पर उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रवासी राजस्थानियों को “प्रवासी राजस्थानी सम्मान पुरस्कार” से सम्मानित किया जाएगा।
यह पुरस्कार विज्ञान, व्यवसाय, कला, खेल, साहित्य, सिनेमा, संगीत और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में उपलब्धियों के लिए प्रदान किया जाएगा।
औद्योगिक विकास के नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में दिसंबर में पेट्रोकेमिकल रिफाइनरी की शुरुआत की जा रही है। साथ ही, सरकार निवेशकों को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स और डेटा सेंटर्स स्थापित करने में सहयोग देगी। उन्होंने प्रवासी उद्यमियों को आईटी, फार्मा, टेक्सटाइल, ऊर्जा, जेम्स एंड ज्वेलरी, पर्यटन और खनन जैसे क्षेत्रों में निवेश का आमंत्रण दिया।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में Rajasthan Foundation के 26 चैप्टर्स देश और विदेश में सक्रिय हैं, जो प्रवासी समुदाय से जुड़ाव को मजबूत कर रहे हैं।
निवेश-अनुकूल माहौल और बड़े प्रोजेक्ट्स
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35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से 7 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स धरातल पर उतर चुके हैं।
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Rajasthan Investment Promotion Scheme (RIPS) 2024 के तहत अब तक 1400 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी निवेशकों को दी गई है।
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राज्य 2030 तक 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है।
जल संरक्षण और सामाजिक सहभागिता
मुख्यमंत्री ने प्रवासी राजस्थानियों द्वारा जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण में किए गए उल्लेखनीय योगदान की सराहना की। उन्होंने समुदाय से सरकारी योजनाओं—जैसे पंचायत समिति नंदीशाला जन सहभागिता योजना, भामाशाह योजना, ज्ञान संकल्प पोर्टल आदि—में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
प्रवासी राजस्थानी दिवस – 10 दिसंबर, जयपुर
‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ Rajasthan Foundation और उद्योग विभाग की एक संयुक्त पहल है। इसका उद्देश्य प्रवासी राजस्थानियों को राज्य के विकास से जोड़ना और निवेश के नए अवसर प्रदान करना है। यह कार्यक्रम प्रवासी समुदाय को सरकार और उद्योग जगत से जोड़ने वाला एक सशक्त मंच बनेगा।
इस अवसर पर सांसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, विधायक पुष्पेंद्र सिंह, छगन सिंह राजपुरोहित, उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योगपति और बड़ी संख्या में प्रवासी राजस्थानी समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रवासी राजस्थानियों को सम्मानित भी किया और राजस्थान फाउंडेशन का ब्रोशर जारी किया।