लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण के लिए की विशेष प्रार्थना
जयपुर,।(रूपनारायण सांवरिया) राजस्थान की पावन भूमि चाकसू श्रेत्र के बाड़ा पदमपुरा जैन तीर्थ एक विशेष अवसर का साक्षी बना, जब प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं भारतीय जनता पार्टी के कर्मठ प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने यहां भगवान महावीर स्वामी के दर्शन और पूजन कर प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की।
दोनों वरिष्ठ नेताओं ने पूरी विधि-विधान और श्रद्धा के साथ भगवान महावीर स्वामी की पूजा अर्चना की। उन्होंने जैन साधु-संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया तथा जैन धर्म के मूल सिद्धांतों—अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और संयम—को आज के सामाजिक जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा— “बाड़ा पदमपुरा जैसे पवित्र स्थल न केवल हमारी आस्था के केंद्र हैं, बल्कि वे हमारी सांस्कृतिक चेतना और मानवीय मूल्यों के स्रोत भी हैं। भगवान महावीर का जीवन और उनके उपदेश हमें सिखाते हैं कि त्याग, करुणा और संयम के माध्यम से हम समाज में स्थायी शांति और समरसता स्थापित कर सकते हैं। हमारी सरकार प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और सभी समुदायों के पवित्र स्थलों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।”
जैन मंदिर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा— “महावीर स्वामी का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना हजारों वर्ष पूर्व था। आज के समय में जब समाज में तनाव, असहिष्णुता और असंवेदनशीलता बढ़ रही है, ऐसे में जैन धर्म के सिद्धांत हमें आत्मिक शांति और सामाजिक संतुलन की दिशा दिखाते हैं। भारतीय जनता पार्टी इन मूल्यों को अपने संगठनात्मक कार्य में भी आत्मसात कर रही है।”
इस धार्मिक अवसर पर जैन समाज के प्रमुख आचार्यगण, साधु-संत, स्थानीय जनप्रतिनिधि, भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूजा के पश्चात भजन-कीर्तन और मंगल आरती का आयोजन हुआ, जिसमें प्रदेश की उन्नति, सौहार्द और नागरिकों के उत्तम स्वास्थ्य के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई।
पूरे कार्यक्रम में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आत्मीयता का वातावरण बना रहा। मंदिर प्रांगण में उपस्थित श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष का पुष्पवर्षा कर अभिनंदन किया तथा उनके सेवा और विकास कार्यों की सराहना की।
सामाजिक सौहार्द और आध्यात्मिक चेतना का सशक्त संदेश
यह अवसर न केवल एक धार्मिक आयोजन था, बल्कि इससे समाज में सामाजिक समरसता, धर्मनिरपेक्षता, संस्कृति के संरक्षण और राजनीति में आध्यात्मिक दृष्टिकोण जैसे महत्वपूर्ण मूल्यों का भी जन-संदेश गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का यह दर्शन कार्यक्रम जनप्रतिनिधियों की आस्था, सेवा और जनभावनाओं के प्रति सम्मान का प्रतीक बना।













































