लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जोधपुर-पाली मारवाड़ इंडस्ट्रियल एरिया बनेगा राजस्थान का नया औद्योगिक हब
फेज-ए में 642 हेक्टेयर भूमि पर कार्य अंतिम चरण में, 55 हजार से अधिक रोजगार के अवसर होंगे सृजित
जोधपुर/जयपुर ।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राजस्थान की औद्योगिक क्षमता निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रही है। उनके दूरदर्शी विजन के तहत राज्य का औद्योगिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। इसी क्रम में जोधपुर-पाली मारवाड़ इंडस्ट्रियल एरिया (जेपीएमआईए) परियोजना प्रदेश के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होने जा रही है।
यह परियोजना राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम (NICDP) के अंतर्गत विकसित की जा रही है और इसका उद्देश्य विकसित भारत-विकसित राजस्थान की परिकल्पना को साकार करना है।
️ रेगिस्तान के बीच उभरता आधुनिक औद्योगिक नगर
राज्य सरकार और केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर के तहत यह परियोजना पश्चिमी राजस्थान को देश के औद्योगिक नक्शे पर नया मुकाम दिलाने जा रही है।
राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (NICDC) के सहयोग से रोहट और कांकाणी के बीच लगभग 3286 हेक्टेयर भूमि पर जेपीएमआईए का विकास किया जा रहा है।
यह क्षेत्र केवल एक औद्योगिक पार्क नहीं बल्कि एक इंडस्ट्रियल टाउनशिप और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित होगा, जिसमें उद्योग, व्यापार, आवास और अवसंरचना का एकीकृत मॉडल शामिल है।
पहले चरण (फेज-ए) में 465 करोड़ रुपये की लागत से 642 हेक्टेयर भूमि पर कार्य तेजी से प्रगति पर है और टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
तीन चरणों में होगा विकास, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी
परियोजना को रीको (RIICO) और NICDC के संयुक्त उपक्रम रिडको (RIDCO) के माध्यम से विकसित किया जा रहा है।
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फेज-ए: 642 हेक्टेयर — निर्माण कार्य प्रारंभ हेतु टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में।
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फेज-बी: 1086 हेक्टेयर — भूमि अधिग्रहण की सुनवाई पूर्ण, अवार्ड जारी करने की प्रक्रिया जारी।
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फेज-सी: वर्ष 2028 तक 1373 हेक्टेयर में विस्तार प्रस्तावित।
परियोजना के पूर्ण होने पर जेपीएमआईए न केवल पश्चिमी राजस्थान का सबसे बड़ा औद्योगिक केंद्र बनेगा, बल्कि यह राष्ट्रीय लॉजिस्टिक कॉरिडोर से भी सीधे जुड़ जाएगा।
1279 औद्योगिक प्लॉट और ‘रेडी-टू-इंवेस्ट’ टाउनशिप का सपना
परियोजना के प्रथम चरण में कुल 1279 औद्योगिक प्लॉट प्रस्तावित हैं —
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435 छोटे उद्योग
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615 मध्यम उद्योग
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229 बड़े उद्योग
यहां निवेशकों को रेडी-टू-इंवेस्ट टाउनशिप, सुदृढ़ सड़क नेटवर्क, 24×7 बिजली-पानी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, ICT इन्फ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।
♂️ 55 हजार प्रत्यक्ष और 1 लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर
जेपीएमआईए के माध्यम से 55,000 प्रत्यक्ष और 1 लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है।
इसके अतिरिक्त 31 हेक्टेयर में आवासीय क्षेत्र, 16 हेक्टेयर में वाणिज्यिक ज़ोन और 57 हेक्टेयर में सोलर पार्क विकसित किया जाएगा, जिससे यह क्षेत्र पर्यावरण-संतुलित और आत्मनिर्भर औद्योगिक नगर बनेगा।
4,380 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनेगा नया औद्योगिक शहर
इस परियोजना के लिए रिडको का गठन 51:49 अनुपात में किया गया है —
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रीको भूमि का योगदान करेगा
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NICDC आधारभूत संरचना का विकास करेगा
जेपीएमआईए की कुल अनुमानित लागत ₹4,380 करोड़ है।
⚙️ राज्य सरकार तेजी से विकसित कर रही आधारभूत आवश्यकताएं
परियोजना को सुचारु रूप से संचालित करने हेतु:
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राजीव गांधी लिफ्ट कैनाल से 48 एमएलडी पानी स्वीकृत किया गया है, जिस पर ₹155.85 करोड़ खर्च होंगे।
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कांकाणी उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति हेतु ₹87.21 करोड़ की परियोजना स्वीकृत की गई है।
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अंडरपास और लॉजिस्टिक हब के कार्य वर्तमान में निर्माणाधीन हैं।
जेपीएमआईए: विकसित भारत-विकसित राजस्थान की दिशा में एक बड़ा कदम
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान उद्योग, निवेश और नवाचार का केंद्र बन रहा है। जोधपुर-पाली मारवाड़ इंडस्ट्रियल एरिया न केवल प्रदेश की औद्योगिक प्रगति का प्रतीक बनेगा, बल्कि यह विकसित भारत-विकसित राजस्थान के विज़न को साकार करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

















































