लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
लंबित प्रत्यक्ष कर विवादों, जुर्माना, ब्याज एवं शुल्क के मामलों का त्वरित समाधान मुख्य उद्देश्य
जयपुर। (रूपनारायण सांवरिया)
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि केंद्र सरकार की “विवाद से विश्वास योजना” का दूसरा चरण करदाताओं के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। यह योजना मुख्य रूप से आयकर दाताओं के लंबित विवादों के त्वरित निपटान पर केंद्रित है, जिससे करदाता एक निर्धारित राशि का भुगतान कर अपने मामलों को न्यायपूर्ण ढंग से सुलझा सकते हैं।
राठौड़ ने बताया कि विवाद से विश्वास योजना—2 को 1 अक्टूबर, 2024 से लागू किया गया है। अब तक इस योजना के अंतर्गत 1249 आवेदन/दावे प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 336 मामलों का सफल निपटारा हो चुका है। इस चरण का विशेष फोकस सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) और रेल मंत्रालय की गैर-जेम संविदाओं से जुड़े विवादों पर है।
अब तक का निपटारा और आंकड़े
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि—
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निपटाए गए विवादित मामलों की कुल राशि 5557 करोड़ रही है।
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इसमें से 4138 करोड़ का सफल समाधान हो चुका है।
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IREPS और MOR पोर्टल के माध्यम से 553.64 करोड़ की विवादित राशि और 727.08 करोड़ के दावों का भी निपटारा किया गया है।
राठौड़ ने कहा कि ये उपलब्धियां केंद्र सरकार की विवाद निपटान के प्रति गंभीरता और प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। यह योजना पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों पर आधारित है, जिससे व्यापारियों और उद्यमियों को सीधी राहत मिली है और राजस्व प्रक्रिया भी अधिक सरल हो गई है।
करदाताओं के लिए सरकार का संदेश
राठौड़ ने कहा कि “इस तरह की योजनाएं सरकार की नीतिगत स्पष्टता को दर्शाती हैं और यह विश्वास जगाती हैं कि सरकार करदाताओं के हितों के प्रति संवेदनशील है।”
उन्होंने आगे बताया कि विवाद से विश्वास योजना का उद्देश्य लंबित प्रत्यक्ष कर विवादों, जुर्माना, ब्याज और शुल्क से संबंधित मुद्दों को एक सरल और व्यावहारिक ढांचे के माध्यम से हल करना है। इससे मुकदमेबाजी की जटिल प्रक्रिया कम होगी और करदाताओं का समय व संसाधन बचेगा।
अंत में, राठौड़ ने कहा कि इस योजना से सरकार और नागरिकों के बीच विश्वास की भावना और मजबूत होगी, जो “नए भारत” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


















































