लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
गंगधार (झालावाड़)। जिला कलेक्टर झालावाड़ के आदेश पर सोमवार को विभिन्न विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य मिड डे मील योजना और विद्यालयों की व्यवस्थाओं की भौतिक जांच करना था। इस दौरान कुछ विद्यालयों की व्यवस्थाएं दुरुस्त पाई गईं, जबकि कई स्कूलों में गंभीर खामियां सामने आईं।
मंदिरपुर विद्यालय
निरीक्षण दल ने यहां बच्चों के साथ बैठकर भोजन का स्वाद लिया। भोजन स्वादिष्ट और स्वच्छ पाया गया। विद्यालय परिसर की साफ-सफाई भी संतोषजनक रही।
पतलाई विद्यालय
यहां नामांकित बच्चों की तुलना में उपस्थिति काफी कम पाई गई। शौचालय की सफाई भी उचित नहीं थी। टीम ने विद्यालय स्टाफ को उपस्थिति बढ़ाने और साफ-सफाई में सुधार के निर्देश दिए।
सुजानपुर विद्यालय
इस स्कूल में बच्चों की भौतिक उपस्थिति बेहद कम थी। बच्चों की शिक्षा का स्तर भी कमजोर पाया गया। संस्था प्रधान को निर्देश दिया गया कि बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करें, शिक्षा स्तर सुधारने के लिए अतिरिक्त कक्षाएं संचालित करें।
पिपलिया कला विद्यालय
इस विद्यालय की लगभग सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। भोजन और साफ-सफाई की स्थिति भी बेहतर मिली।
परथीगढ़ विद्यालय
यहां निरीक्षण के दौरान सामने आया कि छोटे बच्चों से बर्तन धुलवाए जा रहे हैं। बर्तनों की भौतिक जांच करने पर वे मैले पाए गए। टीम ने संस्था प्रधान को स्पष्ट निर्देश दिया कि छोटे बच्चों से बर्तन नहीं धुलवाए जाएं।
दूधलाई विद्यालय
यहां भी बच्चों से बर्तन धुलवाने की शिकायत मिली। संस्था प्रधान को इस पर तुरंत रोक लगाने और साफ-सफाई का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए।
निष्कर्ष
अधिकांश विद्यालयों में मिड डे मील का स्वाद और गुणवत्ता संतोषजनक रही। जहां भी खामियां मिलीं, वहां सुधार के लिए संबंधित विद्यालयों के प्रधानों और स्टाफ को सख्त निर्देश दिए गए।

















































