लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
महिला सशक्तिकरण राज्य सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों का केंद्रबिंदु: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि शिक्षित और सशक्त महिलाएं समाज में सकारात्मक बदलाव की वाहक हैं। महिलाओं के आगे बढ़ने से ही प्रदेश प्रगति के मार्ग पर अग्रसर होता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश की प्रत्येक महिला को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि आधी आबादी की सक्रिय भागीदारी से विकसित और उत्कृष्ट राजस्थान का निर्माण संभव हो सके।
शर्मा मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में महिला प्रतिनिधियों के साथ बजट पूर्व संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्त होने से ही आत्मनिर्भर परिवार, समाज और आत्मनिर्भर राजस्थान का निर्माण होगा। इसलिए राज्य सरकार ने महिला सशक्तिकरण को अपनी नीतियों और कार्यक्रमों का प्रमुख केंद्रबिंदु बनाया है। उन्होंने महिला प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि उनके सुझावों को बजट 2026-27 में यथासंभव शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।
प्रधानमंत्री की महिला-उन्मुख नीतियों पर प्रकाश
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। प्रधानमंत्री के अनुसार, देश में महिला, युवा, किसान और गरीब चार मुख्य वर्ग हैं, जिनके समग्र विकास से ही राष्ट्र का उत्थान संभव है। राज्य सरकार हर वर्ग से संवाद कर रही है ताकि उनके सुझावों को नीतियों में समाहित किया जा सके और प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सके।
महिला सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसके तहत कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं:
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लाडो प्रोत्साहन योजना: लाभ राशि 1 लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये, 4 लाख 60 हजार बालिकाओं को लाभ।
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प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: राशि बढ़ाकर 6,500 रुपये, लगभग 10 लाख गर्भवती महिलाओं को लाभ।
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मा वाउचर योजना: प्रदेशभर में गर्भवती महिलाओं को निशुल्क सोनोग्राफी की सुविधा, अब तक 2 लाख 26 हजार लाभार्थियों तक।
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आंगनबाड़ी पोषण: अति कुपोषित बच्चों को दिए जाने वाले पोषण में दूध की मात्रा बढ़ाकर 25 ग्राम प्रति पैकेट।
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दुग्ध उत्पादकों को अनुदान: ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करते हुए 5 रुपये प्रति लीटर।

उन्होंने कहा कि राज्य में 19 लाख से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान कर 12 लाख से अधिक लखपति दीदी बनाई गई हैं। अब यह महिलाएं मिलेनियर दीदी बनने की ओर अग्रसर हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अपराधों में 12 प्रतिशत की कमी आई है, जो पूर्ववर्ती सरकार की तुलना में बेहतर परिणाम है।
महिला प्रतिनिधियों की भागीदारी
इस दौरान महिला प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार द्वारा संचालित महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों एवं योजनाओं की सराहना की। उन्होंने स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण, महिला सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न विषयों पर सुझाव दिए।
बैठक में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया, प्रमुख शासन सचिव महिला एवं बाल विकास भवानी सिंह देथा सहित वरिष्ठ अधिकारीगण और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रही।















































