Home education *महारानी कॉलेज को राजपूताना का पहला  महिला कालेज होने का गौरव *

*महारानी कॉलेज को राजपूताना का पहला  महिला कालेज होने का गौरव *

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

*महारानी कॉलेज खोल कर गायत्री देवी ने साकार किया दादीसा और नानीसा का सपना*

*जितेन्द्र सिंह शेखावत**
वरिष्ठ पत्रकार रा. प.

*गायत्री देवी के प्रयास से जयपुर में  खुले  महारानी कॉलेज को राज्य का पहला महिला कॉलेज होने का गौरव प्राप्त है ।*

*गायत्री देवी की नानी*
**बड़ौदा की चमन बाई गायकवाड और दादी कूच बिहार की सुनीता देवी  थी। 18 अक्टूबर 1906 को दोनों महारानियों ने माधो सिंह  द्वितीय की  तत्कालीन महारानी जादौनजी को  पत्र लिखकर जयपुर राज्य में महिला शिक्षा का केद्र खोलने का आग्रह किया था। इसके लिए* *कोलकाता में आयोजित   बैठक में आने का न्यौता दिया था।  माधोसिंह ने यह कहते हुए इंकार कर  दिया था कि  पर्दा प्रथा के कारण महिला शिक्षा के काम में  सफलता मिलना मुश्किल है। वर्ष 1941 में गायत्री देवी सवाई मानसिंह से विवाह कर  कूच बिहार से जयपुर आई तब उन्होंने  महारानी कॉलेज खोलकर अपनी दादीसा और नानीसा का सपना साकार  किया ।*
*प्रधान मंत्री सर मिर्जा इस्माइल और  शिक्षा मंत्री अमरनाथ अटल ने महाराजा कॉलेज के सामने दुसादों का बाग* *और बाबू  निपेन्द्र नाथ मुखर्जी की भूमि का अधिग्रहण किया । 30* *जुलाई 1944  को कॉलेज का निर्माण शुरू हुआ । भवन बनने में 3 साल का* *समय लगा ।* *राजपूताना शिक्षा बोर्ड से महाराजा इंटरमीडिएट कॉलेज फॉर गर्ल्स के नाम से मान्यता ली गई ।वर्ष 1944 के प्रथम सत्र में 11 छात्राओं ने प्रवेश* *लिया। आगरा विश्वविद्यालय से संबंध स्थापित किया ।*
*महिला शिक्षा अधिकारी सावित्री भारतीय को प्राचार्य नियुक्त किया गया ।शीलवती गुप्ता को* *इतिहास ,हेमलता प्रभु को अंग्रेजी और कृष्णा कुमारी तवी को हिंदी की सहायक प्रोफेसर नियुक्त किया गया ।*
*जयपुर फाऊण्डेशन के अध्यक्ष सिया शरण लश्करी के मुताबिक महारानी कॉलेज का निर्माण मांगीलाल भगतराम ठेकेदार ने किया  ।* *खेल मैदान व  प्राचार्य के के लिए आवास बनाए गए ।*
*वर्ष 1947 में भवन बन कर तैयार हुआ तब तक  पांच छात्राएं पर्दे वाले तांगे में बैठकर  महाराजा कॉलेज में पढ़ने आती और छात्रों से अलग बैठकर पढ़ती थी ।*

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