लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
उनियारा (सत्यप्रकाश मयंक)।
राजकीय महाविद्यालय उनियारा में चल रहे रानी लक्ष्मी बाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर के तहत गुरुवार को “साइबर क्राइम की बढ़ती चुनौतियां” विषय पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता विचार गोष्ठी आयोजित की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पानमल पहाड़िया ने की, जबकि मुख्य वक्ता हेड कांस्टेबल हेमराज चौधरी ने छात्राओं को साइबर सुरक्षा से जुड़ी आवश्यक जानकारियां दीं।
साइबर ठगी और ऑनलाइन सुरक्षा पर विस्तृत जानकारी
हेड कांस्टेबल हेमराज चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में साइबर ठगी, फिशिंग, सोशल मीडिया पर धोखाधड़ी और डेटा चोरी जैसे अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। अपराधी नई-नई तकनीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं, ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
उन्होंने छात्राओं से कहा —
“किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें, और सोशल मीडिया की गोपनीयता सेटिंग्स को मजबूत रखें।”
“डिजिटल आत्मरक्षा भी जरूरी” — प्राचार्य डॉ. पहाड़िया
प्राचार्य डॉ. पानमल पहाड़िया ने कहा कि आत्मरक्षा केवल शारीरिक नहीं, बल्कि डिजिटल रूप से सुरक्षित रहना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि वे साइबर सुरक्षा के इन उपायों को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।

रानी लक्ष्मी बाई केंद्र प्रभारी ने जताया आभार
केंद्र प्रभारी दिव्या कुमारी मीणा ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य छात्राओं को हर दृष्टि से सशक्त बनाना है।
उन्होंने बताया कि शिविर में पुलिस ट्रेनर बीना छात्राओं को आत्मरक्षा के विभिन्न दांव-पेंच सिखा रही हैं।
कार्यक्रम में आत्मरक्षा शिविर में भाग ले रही छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और साइबर सुरक्षा से संबंधित कई सवाल भी पूछे।













































