लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
अजमेर के युवक की भूमिका सामने
अजमेर | (नितिन मेहरा) उत्तर भारत को दहलाने की एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। हरियाणा एसटीएफ (STF) ने अंबाला में करीब 2 किलो आरडीएक्स (RDX) के साथ तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आए खुलासों के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार इस साजिश की कड़ियां राजस्थान और हरियाणा से जुड़ी हुई हैं।
हनुमानगढ़ था संभावित लक्ष्य
जांच एजेंसियों के अनुसार आतंकियों की योजना सबसे पहले राजस्थान के हनुमानगढ़ में विस्फोट करने की थी। इसके लिए आईईडी (IED) को कथित तौर पर एक सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया था और भीड़भाड़ वाले इलाके में विस्फोट करने की योजना बनाई गई थी। हालांकि तकनीकी कारणों या विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति में बाधा आने के कारण यह योजना पूरी नहीं हो सकी और विस्फोटक को बाद में वापस ले जाया गया।
अजमेर के युवक की भूमिका की जांच
मामले की जांच में अजमेर के लौंगिया मोहल्ला निवासी अली अकबर उर्फ बाबू का नाम सामने आया है। जांच एजेंसियां उसकी गतिविधियों और संपर्कों की जांच कर रही हैं। बताया जा रहा है कि उसने विभिन्न स्थानों की वीडियो और अन्य जानकारी डिजिटल माध्यमों से साझा की थी, जिसकी जांच सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं।
अंबाला में आरडीएक्स बरामद
हरियाणा एसटीएफ ने अंबाला में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार करते समय उनके पास से लगभग 2 किलो आरडीएक्स बरामद किया। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार इतनी मात्रा में विस्फोटक किसी भी भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में भारी नुकसान पहुंचाने में सक्षम होता है।
जांच में केंद्रीय एजेंसियां भी सक्रिय
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय जांच एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा मामले को अपने हाथ में लेने की संभावना जताई जा रही है। राजस्थान एटीएस और खुफिया एजेंसियों ने भी राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई
घटना के बाद राजस्थान में बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां संभावित संदिग्धों की पहचान और उनके नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं।
आरोपी पुलिस रिमांड पर
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को अदालत ने सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा उन्हें किस प्रकार की स्थानीय मदद मिल रही थी।
फिलहाल अजमेर और हनुमानगढ़ सहित कई स्थानों पर संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ जारी है और सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई हैं।


















































