लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता के लिए राजस्थान टीम में चयन
पुणे में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में राजस्थान और राजसमंद का प्रतिनिधित्व करेंगी प्राची, कुंवारिया के खेल मैदान से राष्ट्रीय मंच तक पहुंची
राजसमंद। (गौतम शर्मा)
राजसमंद जिले के कुंवारिया की होनहार हॉकी खिलाड़ी प्राची साहू ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और अनुशासन के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हॉकी इंडिया के तत्वावधान में महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तर की हॉकी प्रतियोगिता के लिए प्राची का चयन राजस्थान टीम में हुआ है।
प्राची अब राष्ट्रीय मंच पर राजस्थान के साथ राजसमंद जिले का प्रतिनिधित्व करेंगी। उनकी इस उपलब्धि से कुंवारिया सहित पूरे क्षेत्र के खेल प्रेमियों में खुशी की लहर है।
कुंवारिया के मैदान से राष्ट्रीय मंच तक का सफर
प्राची ने कुंवारिया के खेल मैदान पर नियमित अभ्यास करते हुए हॉकी में अपनी पहचान बनाई। लगातार मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण के चलते उन्होंने राष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय किया है।
हॉकी राजसमंद के सचिव एवं कोच अनिल शर्मा ने बताया कि प्राची ने खेल के प्रति लगातार गंभीरता दिखाई और नियमित अभ्यास के जरिए अपने प्रदर्शन में सुधार किया। यही मेहनत उनके राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने की वजह बनी।
साथी खिलाड़ियों में भी उत्साह
प्राची के राजस्थान टीम में चयन की खबर मिलते ही कुंवारिया खेल मैदान पर अभ्यास करने वाले साथी खिलाड़ियों में उत्साह का माहौल है। खिलाड़ियों ने कहा कि प्राची की सफलता उन्हें भी खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी।
प्राची की उपलब्धि खास इसलिए भी मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने स्थानीय खेल मैदान से शुरुआत कर राष्ट्रीय प्रतियोगिता तक का सफर तय किया है।
हॉकी राजसमंद ने दी बधाई
प्राची के चयन पर हॉकी राजसमंद के पदाधिकारियों और खेल प्रेमियों ने खुशी जताई। जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह गोड, सचिव एवं हॉकी कोच अनिल शर्मा, ओम कालोसिया सहित अन्य खेल प्रेमियों ने प्राची को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
गांव की बेटियों के लिए बनी प्रेरणा
खेल प्रेमियों का कहना है कि कुंवारिया जैसे छोटे कस्बे के मैदान से निकलकर राष्ट्रीय प्रतियोगिता तक पहुंचना पूरे राजसमंद जिले के लिए गर्व की बात है।
प्राची साहू की सफलता यह संदेश देती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार जारी रहे तो गांव-कस्बों की प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं। उनकी उपलब्धि क्षेत्र की अन्य बेटियों और युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बन गई है।