लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
गौतम शर्मा, राजसमंद।
राजसमंद जिले के कुंवारिया कस्बे में इन दिनों तुलसी विवाह महोत्सव की धार्मिक और उल्लासभरी तैयारियाँ चरम पर हैं। मंगलवार को पिपलेश्वर महादेव मंदिर परिसर से पांच दिवसीय तुलसी विवाह अनुष्ठान की विधिवत शुरुआत हुई।
कार्यक्रम के प्रारंभिक दिन परंपरागत रीति से शालिग्राम भगवान के लिए शुभ लग्न लिखे गए। मंदिर प्रांगण में थाली–मादल की थाप और मंगल गीतों की गूंज के बीच महिलाओं ने पीले चावल की थाली लेकर पारंपरिक लग्न गीत गाए, वहीं पुरुषों ने “हर हर महादेव” और “बड़े चारभुजा जी की जय” के जयकारों से माहौल को भक्तिमय बना दिया।
शोभायात्रा के रूप में भक्तजन लग्न लेकर बड़े चारभुजा नाथ मंदिर पहुंचे, जहां पुजारी बंसतीलाल पाराशर को विधिविधान से तुलसी विवाह के लग्न सौंपे गए तथा 3 नवम्बर को भगवान की बारात में पधारने का आह्वान किया गया।
इसी क्रम में प्रजापत कुई और किरो का मोहल्ला स्थित बड़े चारभुजा मंदिर में भी सोमवार को सामूहिक रूप से लग्न ले जाए गए। कार्यक्रम में बलवंत पीपाड़ा, विपिन तातेड़, उदयलाल माली, कैलाश माली, नारायण प्रजापत, दौलत सिंह, हीरालाल माली, नंदलाल पूर्बिया, हिम्मत तेली, कैलाश प्रजापत, मुकेश प्रजापत और मदनलाल सेन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
तुलसी विवाह के इस पारंपरिक आयोजन से पूरा कस्बा धार्मिक रंग में रंग चुका है और श्रद्धालुओं में मुख्य दिवस को लेकर विशेष उत्साह व्याप्त है।











































