लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
रिपोर्टर: दुर्योधन मयंक
उनियारा। क्षेत्र के श्री दिगम्बर जैन सुखोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र सुथड़ा में देवाधिदेव कुंथुनाथ भगवान का ज्ञान कल्याणक महामहोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया।
प्रबंध समिति के अध्यक्ष महावीर प्रसाद पराणा एवं सन्तु जैन ने बताया कि कुंथुनाथ भगवान जैन धर्म के 17वें तीर्थंकर और छठे चक्रवर्ती सम्राट थे। उनका जन्म हस्तिनापुर में कुरुवंश के राजा शूरसेन एवं माता श्रीदेवी के यहां हुआ था। उनका चिन्ह ‘बकरा’ (छाग) था और उन्होंने कठोर तपस्या के बाद केवल ज्ञान प्राप्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ शास्त्री प्रिंस जैन देवांश के निर्देशन में मंगलाष्टक, नित्य अभिषेक एवं शांतिधारा से हुआ। वार्षिक शांतिधारा में रमेशचंद, रौनक सर्राफ सहित अन्य श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पांडुशिला पर शांतिधारा कमल कुमार, अनीता देवी, आकांक्षा एवं ऋषिमा मेडिकल वाले परिवार द्वारा की गई।
इसके पश्चात देव-शास्त्र पूजा, चौबीस भगवान की मूलनायक पूजा एवं कुंथुनाथ भगवान की विशेष पूजा-अर्चना कर ज्ञान कल्याणक महोत्सव मनाया गया।
भक्तामर संयोजक हुकुमचंद एवं चेतन जैन ने बताया कि सायं 7 बजे श्रेष्ठी परिवार बाबूलाल, मनीष कुमार, शुभम कुमार, अंश कुमार, वंश कुमार, मित्तल परिवार नैनवा तथा शनिवार भक्तामर मंडल उनियारा व ढिकोलिया द्वारा भक्तामर दीपार्चना का आयोजन किया गया, जो श्रद्धा एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ।


















































