लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
बूंदी/जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के शिलान्यास के बाद अधिकारियों की बैठक लेकर एयरपोर्ट और इसके आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए दिशा-निर्देश दिए।
एयरपोर्ट निर्माण के साथ औद्योगिक विकास
मुख्यमंत्री ने रीको अधिकारियों को कहा कि एयरपोर्ट के दो वर्षों के निर्माण काल के दौरान ही आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक और व्यावसायिक विकास का ठोस रोडमैप तैयार किया जाए। इसके तहत कोटा और बूंदी के जिला कलक्टरों को निर्देश दिए गए कि ‘राइजिंग राजस्थान’ समिट में हुए निवेश एमओयू की समीक्षा और मॉनिटरिंग नियमित रूप से की जाए और उन्हें जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जाए।
कनेक्टिविटी और पर्यटन पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि एयरपोर्ट से कोटा और बूंदी की कनेक्टिविटी को विश्वस्तरीय बनाने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने लालसोट-दौसा मेगा हाईवे के चौड़ाईकरण पर कार्य करने के निर्देश भी दिए, ताकि यातायात सुगम हो और क्षेत्र में पर्यटन एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिले।
रोजगार और व्यापार के अवसर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के आसपास संपूर्ण क्षेत्र में विकास की हर प्रकार की संभावनाएं तलाशी जाएं, ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार और व्यापार के नए अवसर मिलें।
मॉनिटरिंग और गुणवत्ता पर जोर
बैठक में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एयरपोर्ट निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग हो और निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि प्रोजेक्ट भविष्य की कसौटियों पर भी खरा उतरे। 
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
इस बैठक में केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर, विधायक संदीप शर्मा, कल्पना देवी, हरिमोहन शर्मा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, संभागीय आयुक्त और कोटा-बूंदी के जिला कलक्टर उपस्थित रहे।
इस बैठक से स्पष्ट है कि कोटा-बूंदी एयरपोर्ट न केवल यात्रा सुगमता बढ़ाएगा, बल्कि औद्योगिक, व्यावसायिक और पर्यटन विकास के नए अवसर भी लेकर आएगा, जिससे स्थानीय युवाओं और व्यापारियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।




















































