किरोड़ी मीणा ने पीएम को लिखा पत्र ,खाद, बीज और कीटनाशक भंडारण और विक्रय के लिए नए सख्त कानून बनाने की मांग

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

जयपुर ।  कृषि मंत्री डॉक्टर किरोडी लाल मीणा ने प्रदेश में कई स्थानों पर अब तक दर्जनों खाद ,बीज , पेस्टिसाइड निर्माता के फैक्ट्रियो में कार्यवाही की इस दौरान बड़ी मात्रा में नकली खाद, बीज भी पकड़ा गया । पेस्टिसाइड भी पकड़ा गया  जो किसानों के लिए घातक सिद्ध होता है ।डॉक्टर किरोड़ी मीणा की सिफारिश पर अब तक एक दर्जन से ज्यादा अधिकारियों को सस्पेंड भी किया जा चुका है ।अब डॉक्टर किरोडी लाल मीणा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर देश भर में  उर्वरक बीज एवं कीटनाशी का उत्पादन, भण्डारण एवं विक्रय करने के विरूद्व सख्त कानून बनाने के संबंध में पत्र लिखा है। पत्र आपके समक्ष
आदरणीय
मैं आपका ध्यान माननीय प्रधानमंत्री जी के किसानों की आय को दो गुना करने व खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लक्ष्य की ओर आकर्षित करना चाहूंगा। इस महती लक्ष्य की प्राप्ति हेतु किसानों को उच्च गुणवत्ता के आदानों (बीज, उर्वरक, कीटनाषी व सूक्ष्म पोषक तत्व आदि) की उपलब्धता सुनिष्चित किया जाना आवष्यक है।
माननीय प्रधानमंत्री जी एवं आपके इस किसान हितैषी लक्ष्य की प्राप्ति के उद्देष्य हेतु गत दिनांे में मेरे द्वारा अजमेर जिले के किषनगढ क्षेत्र में संचालित उर्वरक विर्निमाण इकाइयों श्रीगंगानगर व हनुमानगढ जिले में बीज निर्माताओं व जयपुर जिले में कीटनाषी निर्माण इकाइयोें का विभागीय अधिकारियों/निरीक्षकों के साथ सघन निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण में अधिकांष उर्वरक विर्निमाण इकाइयों पर गम्भीर अनियमितताएंे परिलक्षित हुईं। जैसे मार्बल स्लरी का तथाकथित उर्वरक निर्माण मे उपयोग, जिप्सम के स्थान पर मिट्टी का उर्वरक निर्माण में उपयोग, बिना लाईसेंस उर्वरक निर्माण इकाईयों का संचालन/भंडारण व बैग बदलकर किसी भी कंपनी का माल दिया जाना आदि। दिनांक 22.06.2025 को कोरोमंडल इंटरनेशनल लिमिटेड के 32000 बैग डीएपी श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ कस्बे में अवैध रूप अघोषित गौदाम में पाये गये, कृषकों द्वारा इस दौरान उर्वरक के साथ ज्ंहहपदह किये जाने आदि की भी शिकायतें की गई। इस अभियान के दौरान उवर्रक विनिर्माण इकाईया,ेें डीलर, हेंडलिंग एवं ट्रांसपोर्ट एजेंट के विरूद्ध 28 एफआईआर दर्ज कराई गई है व उनके द्वारा उत्पादित/भंडारित उर्वरकों के 189 नमूने भी आहरित किये गये हैं। अभी तक विष्लेषित 57 नमूनों में से 56 नमूने अमानक पाये गये हैं।

प्रदेश में चार स्थानों पर सहकारी क्षेत्र की प्रमुख उर्वरक निर्माता इफको कंपनी के संदिग्ध माल का विर्निमाण अजमेर जिले के किषनगढ क्षेत्र में किया जा रहा था जबकि इन इकाइयों के पास राजस्थान में इफको के सागारिका ब्रांड के निर्माण का कोई वैध लाईसेंस नहीं था। उत्पादित माल के बैगों पर निर्माण का स्थान नई दिल्ली व तमिलनाडु अंकित था।
इसी प्रकार श्रीगंगानगर व हनुमानगढ जिले में लगभग 20 बीज निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया गया। उनके यहां ना तो सत्यचिन्हित (ज्स्) बीज के त्ंू बीज के स्त्रोत की जानकारी थी तथा ना ही बीज उत्पादक किसानों की सूची व बुकरम पर्ची उपलब्ध थी तथा बीज को केमिकल डालकर चमकाये जाने जैसी अनियमितताऐं पाई गई। मौके पर उपस्थित कृषकों ने बताया कि बीज निर्माता कम्पनियों द्वारा मंडी से ही अन्न खरीद कर बिना उचित व निर्धारित प्रक्रिया अपनाये अन्न की पैकेजिंग कर उसे बीज के रूप में गरीब किसानों को बेचा जा रहा है जिससे उनका कृषि उत्पादन(ल्प्म्स्क्) घट रहा है। इसके अलावा कुछ किसानों ने यह भी अवगत कराया कि इन कम्पनियों से खरीदे गये बीज को बोये जाने पर बीज का अंकुरण ही नहीं हुआ। ऐसी ही कुछ शिकायतें बी.टी काॅटन के संबंध में भी कृषकों द्वारा की गई। उक्त कम्पनियों द्वारा तैयार/भंडारित बीज के 46 सैम्पल लिये गये हैं, जिनका विष्लेषण अभी किया जा रहा है।

इसी प्रकार कीटनाषी विर्निमाण इकाइयों में कहीं भी कीटनाषी की स्वज ूपेम ेंउचसम ंदंसलेपे तमचवतज उपलब्ध नहीं थी, अधिकांष जगहों पर चीन निर्मित माल व कुछ जगहों पर भारत में प्रतिबंधित संदिग्ध कीटनाषी पाये गये। उक्त कम्पनियों से 16 सैम्पल लिये गये हैं, जिनका विष्लेषण अभी किया जा रहा है।

उक्त विनिर्माण इकाइयांे द्वारा उत्पादित ऐसे अमानक उर्वरक, बीज व कीटनाषी को राजस्थान के अलावा देष के विभिन्न 16 से 20 राज्यों में बेचा जा रहा है। जिसकी सूचना हमारे द्वारा संबंधित राज्यों को दे दी गई है।

उक्त तथ्यों से ऐसा प्रतीत होता है कि किसान को अमानक आदानों की आपूर्ति किये जाने के कारण किसान की आय विपरीत रूप से प्रभावित हो ही रही है साथ ही उसकी कृषि भूमि भी बंजर हो रही है। जो कि गम्भीर चिंता का विषय है। ऐसी स्थिती में किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए अमानक उर्वरक बीज एवं कीटनाशी उत्पादन, भण्डारण एवं विक्रय के संबंध में वर्तमान कानून को ओर अधिक प्रभावी एवं सख्त बनाने की महती आवश्यकता है जिससे किसानों के साथ हो रही धोखाधडी़ एवं लूट को रोका जा सके तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जा सके क्योंकि ऐसा कृत्य करने वाले मुट्ठी भर व्यापारियों या दुकनदारों में वर्तमान कानून का कोई भय नहीं है। ऐसे लोगों के विरूद्व आम व्यापारी भी सख्त कार्यवाही चाहते हैं जिससे उनकी साख को धक्का न लगे।
राजस्थान में कृषि विभाग ऐसी किसान विरोधी गतिविधियों पर सख्ती से कार्यवाही कर रहा है। चूंकि ऐसे संदिग्ध/अमानक माल की आपूर्ति अन्य राज्यों में भी की गई है। ऐसी स्थिति में मेरा आग्रह है कि देष के विभिन्न राज्यों को इस संबंध में आवष्यक कार्यवाही करने के निर्देष भारत सरकार के स्तर से जारी किया जाना श्रेयस्कर होगा।

श्री षिवराज सिंह चैहान,
माननीय मंत्री महोदय,
कृषि व किसान कल्याण विभाग,
भारत सरकार, नई दिल्ली।

डॉ किरोडी लाल मीणा कृषि मंत्री राजस्थान सरकार

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