लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
पादूकलां। बारिश के मौसम में खेतों की मेड़ व बाड पर उग रही ककोड़ा की सब्जी किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। इसे ककड़ी, ककोड़ा और परोरा के नाम से जाना जाता है। यह सब्जी बिना खाद, बीज और कीटनाशक के प्राकृतिक रूप से उगती है।सावन माह में इसकी पैदावार ग्रामीण इलाकों में तेजी से हो रही है।
एक तरफ तो जहां बाजार में महंगी सब्जी जो करीब ₹100 किलो तक बिक रही है उनसे दूर होकर किसान अब इस मौसम में अलग-अलग सब्जियों का उपयोग लेंगे।किसानों का कहना है कि वे इस सब्जी से महीने में 10 से 12 बार सब्जी बना लेते हैं। इससे उन्हें सब्जी पर खर्च नहीं करना पड़ रहा। आमदनी में भी थोड़ा फायदा हो रहा है। यह सब्जी प्रोटीन और विटामिन से भरपूर होती है। ग्रामीण इलाकों में इसे शुद्ध सब्जी माना जाता है। लोग इसे स्वाद से खा रहे हैं।इस बार क्षेत्र में अच्छी बारिश हुई है। इससे ककोड़ा की पैदावार भी अच्छी हुई है। मंडी में फिलहाल इसका भाव 45 से 50 रुपये किलो है। आने वाले दिनों में आवक बढ़ने की संभावना है। इससे दाम घटकर 30 से 35 रुपये किलो तक पहुंच सकते हैं। बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार, यह सब्जी मधुमेह और अन्य बीमारियों पर नियंत्रण में मदद करती है।
















































