लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
पादूकलां। कस्बे के पुराने पुलिस थाना रोड पर स्थित पुराना पटवार भवन पूरी तरह जर्जर हालत में पहुंच चुका है और अब स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बन गया है। वर्षों से अनुपयोगी पड़ा यह सरकारी भवन विभागीय लापरवाही की जीती-जागती मिसाल बन गया है। टूटे-फूटे कमरों और उखड़े फर्श के कारण इसका ढांचा खंडहर में बदल चुका है, जिसकी वजह से अब यह जंगली सूअरों का स्थायी अड्डा बन गया है।
भवन के भीतर और आसपास कचरे के ढेर, गंदगी और बदबू का आलम ऐसा है कि राहगीरों को यहां से गुजरना भी मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस भवन में कभी पटवारी बैठकर कार्य करते थे, आज उसी जगह पर सूअर आराम करते नजर आते हैं। आसपास के घरों में रहने वाले लोग रोजाना दुर्गंध, अस्वच्छ वातावरण और सूअरों की आवाजाही से परेशान हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, भवन क्षतिग्रस्त होने के बाद कार्यालय को राजीव गांधी सेवा केंद्र के पास बने किसान सेवा केंद्र में स्थानांतरित कर दिया गया था। लेकिन पुराने भवन की मरम्मत या उपयोग की दिशा में अब तक कोई पहल नहीं की गई। लोगों ने आरोप लगाया कि सरकार नए भवनों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन पुराने सरकारी भवनों के रखरखाव पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यदि समय रहते इसकी मरम्मत की जाती, तो यह भवन आज भी उपयोगी साबित हो सकता था।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस भवन की तत्काल सफाई करवाई जाए, इसकी मरम्मत की जाए या फिर इसे किसी उपयोगी कार्य में लिया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि खंडहर बन चुका यह भवन किसी भी समय हादसे का कारण बन सकता है, इसलिए प्रशासन को जल्द से जल्द कार्रवाई करनी चाहिए।



















































