लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नए भारत की महत्वाकांक्षाओं के साथ अंतिम व्यक्ति तक विकास का संकल्प
छोटे उद्योगों को ग्लोबल बिजनेस हाउस बनाने की दिशा में बड़ा कदम
— मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश पिछले 12 वर्षों से वित्तीय अनुशासन और स्थायित्व के साथ निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट को आत्मनिर्भर से विकसित भारत, संभावनाओं से उपलब्धियों और संकल्प से सिद्धि की ओर ले जाने वाला बजट बताया।
सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में केंद्रीय बजट पर मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट नए भारत की महत्वाकांक्षाओं को साकार करने के साथ-साथ अंतिम व्यक्ति के सशक्तिकरण की प्रतिबद्धता को भी मजबूती से दर्शाता है।
युवा-केन्द्रित बजट से बढ़ेंगे रोजगार और स्वरोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में युवाओं के लिए रोजगार, स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप प्रोत्साहन और सर्विस सेक्टर पर विशेष फोकस किया गया है। एक लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल, 1.5 लाख केयर गिवर्स और टूरिस्ट गाइड्स के कौशल प्रशिक्षण से युवाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि राजस्थान में पहले से लागू एवीजीसी-एक्सआर पॉलिसी के साथ अब माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स की स्थापना से प्रदेश के युवाओं को दोहरा लाभ मिलेगा।
बजट में महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा और आर्थिक भागीदारी, किसानों की बाजार तक पहुंच बढ़ाने और कृषि जोखिम कम करने के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
हैवी मशीनरी निर्माण के लिए राजस्थान में निवेश का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूरोप के साथ ऐतिहासिक समझौते के बाद यह बजट उद्योगों, मैन्युफैक्चरर्स, कारीगरों और कामगारों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की नई दिशा देता है।
बायो-फार्मा, केमिकल्स, टेक्सटाइल, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट जैसे क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कई नई पहल की गई हैं। उन्होंने उद्योग जगत से आह्वान किया कि कंस्ट्रक्शन और इन्फ्रास्ट्रक्चर की हैवी मशीनरी निर्माण हेतु बजट में लाई गई विशेष योजना का लाभ लेते हुए राजस्थान के इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में निवेश करें।
राजस्थान के सोलर सेक्टर को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में अक्षय ऊर्जा क्षेत्र के लिए 30 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी करते हुए 32,914 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पीएम सूर्यघर योजना के लिए 22,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
सोलर ग्लास निर्माण में उपयोग होने वाले सोडियम एंटीमोनेट और बीईएसएस में प्रयुक्त लिथियम-आयन बैटरी के पूंजीगत सामानों पर कस्टम ड्यूटी में छूट से राजस्थान के सौर ऊर्जा क्षेत्र को नई रफ्तार मिलेगी। उन्होंने कहा कि राजस्थान पहले से ही सौर ऊर्जा में अग्रणी है और अब यह क्षेत्र और अधिक मजबूत होगा।
सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर हब बनने को तैयार राजस्थान
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा हाल ही में सेमीकंडक्टर नीति, एआई-एमएल नीति और डेटा सेंटर नीति लागू की गई है। ऐसे में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, एआई मिशन, नेशनल क्वांटम मिशन, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम और डेटा सेंटर-क्लाउड सर्विसेज के लिए घोषित इंसेंटिव्स से राजस्थान को बड़ा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि एसएमई विकास निधि और आत्मनिर्भर भारत टॉप-अप छोटे उद्योगों के लिए बड़ी सौगात हैं। महात्मा गांधी स्वराज योजना और ‘चैम्पियन एमएसएमई’ पहल से राजस्थान के छोटे उद्योगों के ग्लोबल बिजनेस हाउस बनने की राह प्रशस्त होगी।
अवसंरचना विकास पर 12.20 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने बताया कि बजट में अवसंरचना विकास के लिए 12.20 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे शहरी ढांचे को मजबूती मिलेगी। इनविट बॉन्ड्स, आरईआईटी और म्यूनिसिपल बॉन्ड्स के माध्यम से प्रदेश के शहरों को बड़ा आर्थिक संबल प्राप्त होगा।
इस अवसर पर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।








































