कर्नल सोनाराम चौधरी नहीं रहे, थार के किसानों ने खोया सशक्त प्रहरी

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

 जयपुर/बाड़मेर। राजस्थान की किसान राजनीति को नई पहचान दिलाने वाले और लोकसभा से लेकर विधानसभा तक जनता की आवाज बुलंद करने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कर्नल सोनाराम चौधरी का आकस्मिक निधन हो गया। यह खबर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गहरा आघात है। कर्नल सोनाराम उनके पैतृक निवास पर पहुंच गया है जहां उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए कई नेता, पूर्व मंत्री ,पूर्व विधायक ,जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में उनके समर्थक मौजूद है।

किसान परिवार से सेना तक का सफ़र

थार के रेतीले धोरों में एक सामान्य किसान परिवार में जन्मे कर्नल सोनाराम चौधरी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर सेना में भर्ती ली। सेना में भर्ती होने से लेकर कर्नल के पद तक का उनका सफर सेवा, समर्पण और साहस का प्रतीक रहा।

सेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद वे राजनीति में सक्रिय हुए और 1996 में पहली बार कांग्रेस से लोकसभा चुनाव लड़ा। थार की जनता ने उनके सेवा संकल्प पर भरोसा जताते हुए उन्हें संसद भेजा। इसके बाद वे लगातार दो और लोकसभा चुनाव जीते। वर्ष 2008 में वे बायतु विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने।

निडर और बुलंद आवाज

कर्नल सोनाराम चौधरी ने संसद और विधानसभा में हमेशा किसानों और आमजन की आवाज को मजबूती से उठाया। वे राजनीति में साहस और निडरता के लिए जाने जाते थे।

नेताओं की प्रतिक्रियाएँ

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शोक व्यक्त करते हुए कहा – “कांग्रेस ने एक कदावर नेता खो दिया है, उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा।”

पूर्व मंत्री और विधायक हरीश चौधरी ने कहा कि बाड़मेर ने अपना सच्चा नेता को दिया है ,जिन्होंने पहले सेना में रहकर किसानों का नाम रोशन किया, फिर राजनीति में आकर किसानों के लिए संसद और विधानसभा में लगातार लड़े । उन्होंने किसानों के सम्मान से कभी समझौता नहीं किया, उनके योगदान को सदैव याद किया जाएगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भी गहरी संवेदना जताई और कहा कि कर्नल साहब का जाना कांग्रेस परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।

श्रद्धांजलि

कर्नल सोनाराम चौधरी का जीवन साहस, सेवा और समर्पण की मिसाल रहा। उनका जाना न केवल कांग्रेस परिवार बल्कि पूरे राजस्थान की राजनीति के लिए एक बड़ा नुकसान है।

ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिजनों को इस गहन दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। आज उनके पैतृक आवास पर  श्रद्धांजलि देने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे

 

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