लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
राजस्थान कारागार विभाग पदोन्नति के बावजूद पोस्टिंग नहीं मिलने से परेशानी
नीरज मेहरा वरिष्ठ पत्रकार
जयपुर। राजस्थान सरकार ने कारागार विभाग में दो महीने पहले विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) के जरिए कई अधिकारियों को उच्च पदों पर प्रमोट तो कर दिया, लेकिन अब तक उनकी पोस्टिंग का आदेश जारी नहीं हुआ है। इस देरी से विभाग में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में तीन अधिकारियों को उपमहानिरीक्षक (DIG) के पद पर पदोन्नत किया गया था, लेकिन पोस्टिंग आदेश नहीं मिलने की वजह से ये अधिकारी अब भी अधीक्षक (Superintendent) के पद पर ही काम करने को मजबूर हैं। इससे न केवल अधिकारियों में निराशा है बल्कि प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी असर पड़ रहा है।
कार्मिकों का कहना है कि डीपीसी के बाद समय पर पोस्टिंग न मिलना नीतिगत और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर लापरवाही को दिखाता है। साथ ही विभागीय कार्यों में भी इसका सीधा असर दिखाई दे रहा है।
प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि सरकार को जल्द से जल्द पोस्टिंग आदेश जारी कर अधिकारियों को उनके नए दायित्वों पर भेजना चाहिए, ताकि विभाग में सुचारु संचालन और कर्मचारियों का मनोबल दोनों बनाए रखा जा सके।
जोधपुर ,सवाई माधोपुर ,भीलवाड़ा मैं पद खाली
सबसे खास बातें की पदोन्नति अधिकारी जिला कारागार सवाई माधोपुर भीलवाड़ा इसके साथ ही नाव पड़ा तीन महान रक्षक अभी भी अधीक्षक के पद पर काम कर रहे हैं और उपमहानिरीक्षक उदयपुर ,जोधपुर के पद पर लंबे समय से रिक्त होने से काम प्रभावित हो रहा है विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि पदोन्नति के बाद दीप गुरु पद पर ही काम करना पड़े तो फिर पदोन्नति का मतलब ही क्या रह जाता है इसके चलते राज्य की हाई सिक्योरिटी जेल अजमेर पर भी अधीक्षक अजमेर जेल को अतिरिक्त कार्यभार दे रखा है जबकि अजमेर जेल खुद एक संवेदनशील और हाई सिक्योरिटी जेल के तौर पर स्थापित है सरकार को चाहिए कि अभिलंब जहां पद खाली है वहां पर पदोन्नति अधिकारियों को काम करने का अवसर दें







































