लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
बच्चों को महिला सुरक्षा और विधिक जागरूकता की दी जानकारी
श्रीगंगानगर (मनजीत सिंह, ब्यूरो चीफ)।
महिला सुरक्षा और विधिक अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कालिका पेट्रोलिंग यूनिट–1 एवं विधिक सेवा श्रीगंगानगर के संयुक्त तत्वावधान में एक निजी विद्यालय में विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 210 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और गंभीर विषयों पर उपयोगी जानकारी प्राप्त की।
विधिक सहायता की जानकारी
इस अवसर पर विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी रोहिताश यादव एवं अमनदीप ने बच्चों को निशुल्क विधिक सहायता योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या में विधिक सेवा प्राधिकरण से बिना शुल्क मदद प्राप्त की जा सकती है।
महिला सुरक्षा और अपराध निरोधक उपाय
कालिका पेट्रोलिंग यूनिट–1 के प्रभारी सुखदेव सिंह ने विद्यार्थियों को महिला सुरक्षा से जुड़े अपराधों जैसे चेन स्नैचिंग, छेड़छाड़, छींटाकशी और उत्पीड़न पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं से कहा कि आज के दौर में बालिकाओं को निडर होकर सामने आना चाहिए और किसी भी अत्याचार या असामाजिक कृत्य की शिकायत करने में संकोच नहीं करना चाहिए।
सिंह ने विद्यार्थियों को राजकोप सिटीजन ऐप, आपातकालीन नंबर 112 तथा महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 की जानकारी भी दी। साथ ही विशेष रूप से चेताया कि किसी भी अनजान व्यक्ति से खुले ड्रिंक या पेय पदार्थ स्वीकार न करें क्योंकि यह अक्सर अपराधियों द्वारा धोखे का माध्यम बनता है।
महिला कांस्टेबलों की प्रेरणा
यूनिट की महिला कांस्टेबल सुनीता (2200) एवं कीर्ति (2196) ने बच्चों को जागरूक रहने, आत्मविश्वास बनाए रखने और असामाजिक तत्वों का डटकर सामना करने की प्रेरणा दी।
गुड टच-बैड टच पर चर्चा
विद्यालय की प्रिंसिपल पूनम खेतान ने बच्चों को गुड टच और बैड टच के विषय में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि छोटी उम्र में ही बच्चों को इस विषय पर जागरूक करना जरूरी है ताकि वे किसी भी अनुचित व्यवहार की पहचान कर सकें। उल्लेखनीय है कि इस विषय पर जागरूकता फैलाने के लिए पूनम खेतान को जिला एवं राज्य स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है।
सम्मान और निष्कर्ष
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन द्वारा कालिका पेट्रोलिंग यूनिट प्रभारी सुखदेव सिंह को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस संयुक्त सेमिनार का मुख्य उद्देश्य था –
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छात्र-छात्राओं को महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक करना,
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विधिक अधिकारों की जानकारी देना,
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और अपराध निरोधक उपायों के प्रति सजग बनाना।
इस पहल से विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ समाज में अपनी भूमिका निभाने और किसी भी असामाजिक गतिविधि के खिलाफ सजग होकर खड़े होने की प्रेरणा मिली।




















































