लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
एक ही दिन में मिली ट्राईसाईकिल और खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ
संवेदनशील प्रशासन की मिसाल: जिला कलक्टर के हस्तक्षेप से दिव्यांग भैरूलाल को मिला सम्मानजनक जीवन
झालावाड़ | संवेदनशील प्रशासन और त्वरित निर्णय क्षमता का प्रेरणादायी उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब पंचायत समिति पिड़ावा की ग्राम पंचायत बानौर निवासी 80 प्रतिशत दिव्यांग भैरूलाल की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान जिला कलक्टर कार्यालय में एक ही दिन में सुनिश्चित किया गया।
भैरूलाल न तो व्हीलचेयर अथवा ट्राईसाईकिल जैसे आवश्यक सहायक उपकरणों से युक्त थे और न ही उन्हें राज्य सरकार की खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ मिल पा रहा था। सीमित संसाधनों और शारीरिक असमर्थता के बावजूद वे अपनी समस्या लेकर जिला कलक्टर कार्यालय पहुंचे।
जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने भैरूलाल से संवेदनशीलता के साथ मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। जांच में सामने आया कि भैरूलाल को केवल दिव्यांग पेंशन मिल रही थी, जबकि खाद्य सुरक्षा योजना से वंचित होने के कारण उन्हें नियमित राशन नहीं मिल पा रहा था।
तत्काल निर्णय, त्वरित कार्रवाई
जिला कलक्टर ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मौके पर ही संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उप निदेशक रामनिवास यादव को तत्काल प्रभाव से भैरूलाल को ट्राईसाईकिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वहीं रसद विभाग को खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जोड़कर राशन व्यवस्था शीघ्र शुरू करने के आदेश दिए गए।
निर्देशों की त्वरित अनुपालना करते हुए सभी औपचारिकताएं पूर्ण की गईं। परिणामस्वरूप भैरूलाल को नई ट्राईसाईकिल प्रदान की गई तथा उनका राशन भी चालू कर दिया गया।
सम्मान और सुरक्षा के साथ घर तक पहुंचाया
प्रशासनिक संवेदनशीलता का परिचय देते हुए जिला कलक्टर ने यह भी सुनिश्चित किया कि भैरूलाल को सिविल डिफेन्स के वाहन एवं स्वयंसेवकों की सहायता से सुरक्षित रूप से उनके गांव तक पहुंचाया जाए।
जो भैरूलाल कभी खुद को असहाय महसूस कर रहे थे, वे अब स्वावलंबन और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने की ओर अग्रसर हैं। यह घटना न केवल प्रशासन की तत्परता को दर्शाती है, बल्कि आमजन के प्रति मानवीय दृष्टिकोण की भी एक सशक्त मिसाल है।

















































