लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
कालीसिंध बांध के 13 गेट खोले
मूसलाधार बारिश से जिले में बिगड़े हालात, कई इलाकों में जलभराव; प्रशासन और एनडीआरएफ ने चलाया बचाव अभियान
झालावाड़। जिले में सोमवार सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। रायपुर थाना क्षेत्र के कचराखेड़ी गांव में स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चारों ओर से पानी से घिर गया, जिससे स्कूल परिसर टापू में तब्दील हो गया। स्कूल में मौजूद करीब 40 बच्चे और शिक्षक जलभराव के कारण फंस गए, जिन्हें प्रशासन, पुलिस और एनडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ और पुलिस अधीक्षक अमित कुमार स्वयं मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी की।
स्कूल में फंसे बच्चों को सुरक्षित निकाला
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि सोमवार सुबह बच्चे रोज की तरह विद्यालय पहुंचे थे, लेकिन लगातार बारिश के चलते स्कूल के आसपास तेजी से पानी भर गया। देखते ही देखते विद्यालय चारों तरफ से पानी में घिर गया और बच्चों व शिक्षकों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया।
ग्रामीणों द्वारा बाढ़ नियंत्रण कक्ष को सूचना दिए जाने के बाद प्रशासन, पुलिस और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। गहरे पानी और लगातार बारिश के बीच विशेष सावधानी बरतते हुए सभी बच्चों और शिक्षकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
बच्चों में दिखी घबराहट, ग्रामीण भी बने मददगार
रेस्क्यू के दौरान बच्चों में डर और घबराहट का माहौल देखा गया। हालांकि प्रशासन और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयासों से सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया।
ग्रामीणों ने भी बचाव अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और पुलिस व प्रशासन के साथ मिलकर बच्चों को सुरक्षित निकालने में सहयोग किया। समय रहते कार्रवाई होने से एक बड़ा हादसा टल गया।
जिले में कई जगह जलभराव, बढ़ी परेशानी
लगातार बारिश के कारण कचराखेड़ी सहित जिले के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। कई गांवों और सड़कों पर पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।
कालीसिंध बांध के 13 गेट खोले
जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते नदी-नालों में उफान आ गया है। जलाशयों में पानी की आवक बढ़ने के कारण प्रशासन को बांधों से पानी की निकासी करनी पड़ रही है।
स्थिति को देखते हुए कालीसिंध बांध के 13 गेट खोल दिए गए हैं, जबकि छापी बांध के 12 गेटों से भी लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। जलस्तर बढ़ने के कारण निचले इलाकों में सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रशासन ने जारी की चेतावनी
प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही अभिभावकों से बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनी के बीच प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत एवं बचाव दल तैनात करने की तैयारी की गई है।