लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
पूर्व अतिरिक्त निदेशक अलका सक्सेना की कृति में जनसंपर्क सेवा के अनुभवों का सार प्रस्तुत
जयपुर। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की पूर्व अतिरिक्त निदेशक अलका सक्सेना की पुस्तक ‘अब जब बात निकली है’ का विमोचन शुक्रवार को प्रौढ़ शिक्षा समिति, जयपुर में हुआ। कार्यक्रम में पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव राकेश वर्मा, मुख्यमंत्री कार्यालय के विशेषाधिकारी गोविंद पारीक, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के पूर्व आयुक्त सुनील शर्मा तथा वरिष्ठ पत्रकार गुलाब बत्रा ने संयुक्त रूप से पुस्तक का लोकार्पण किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि यह पुस्तक जनसंपर्क सेवा के अनुभवों, चुनौतियों और सीखों का जीवंत दस्तावेज है, जो भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक साबित होगी।
जनसंपर्क सेवा का बेबाक प्रतिबिंब
अलका सक्सेना की यह पुस्तक उनके 32 वर्ष से अधिक के प्रशासनिक एवं जनसंपर्क अनुभवों पर आधारित है। इसमें उन्होंने सरकारी तंत्र की जमीनी वास्तविकताओं, एक महिला अधिकारी के रूप में सामने आई चुनौतियों, जनसंपर्क की नई विधाओं, नवाचारों और खट्टे-मीठे अनुभवों को स्पष्ट और ईमानदार अभिव्यक्ति के साथ प्रस्तुत किया है।
वक्ताओं ने रखे विचार
पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव राकेश वर्मा ने कहा कि जनसंपर्क एक ऐसी विधा है, जो न केवल अपने शब्दों से संवाद करती है, बल्कि दूसरों के विचारों को भी निखारने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि अलका सक्सेना की पुस्तक में जनसंपर्क और पत्रकारिता के कई व्यावहारिक सबक हैं, जो विद्यार्थियों और पेशेवरों दोनों के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे।
वरिष्ठ पत्रकार गुलाब बत्रा ने कहा कि यह पुस्तक जनसंपर्क की बदलती भूमिका को पुनः परिभाषित करने में मदद करेगी। वहीं, पूर्व आयुक्त सुनील शर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए सक्सेना सहित जनसंपर्क अधिकारियों से मिले सहयोग की सराहना की।
जनसंपर्क की भावी पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि ‘अब जब बात निकली है’ न केवल एक आत्मकथात्मक कृति है, बल्कि यह पुस्तक जनसंपर्क के विद्यार्थियों और अधिकारियों के लिए मार्गदर्शक और प्रकाशस्तंभ साबित होगी। इसमें सरकारी प्रणाली, प्रक्रियाओं और पब्लिक रिलेशंस की वास्तविक परतों को सहज रूप में प्रस्तुत किया गया है।
वरिष्ठ पत्रकार राजेन्द्र बोड़ा ने कहा कि यह पुस्तक लेखक के मन और तीन दशक के राजनीतिक व प्रशासनिक परिदृश्य को झांकने का अवसर भी प्रदान करती है।
कार्यक्रम में डीआईपीआर के अतिरिक्त निदेशक (राजभवन) राजेश व्यास, वरिष्ठ पत्रकार, वर्तमान एवं सेवानिवृत्त जनसंपर्क कर्मी तथा प्रकाशन जगत से जुड़ी अनेक हस्तियां उपस्थित रहीं।
