लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
किसान नेताओं को रोके जाने का आरोप
नई दिल्ली | (रितु मेहरा) दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे Cockroach Janta Party (CJP) के विरोध प्रदर्शन ने रविवार को नया मोड़ ले लिया। प्रसिद्ध नवाचारकर्ता और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक आंदोलन के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। इसी बीच CJP ने आरोप लगाया है कि कई किसान नेताओं को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए उनके घरों में नजरबंद किया गया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
सोनम वांगचुक ने आंदोलन को दिया समर्थन
जंतर-मंतर पहुंचकर सोनम वांगचुक ने कहा कि युवाओं और छात्रों की आवाज को सुना जाना चाहिए तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके बाद उन्होंने आंदोलन के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी।
CJP ने लगाए गंभीर आरोप
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के कई किसान नेताओं को दिल्ली आने से रोकने के लिए पुलिस ने नजरबंद कर दिया। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित राज्यों की पुलिस या प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
दिल्ली पुलिस पर सुविधाएं बंद करने का आरोप
आंदोलनकारी संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल पर शौचालय और अन्य स्वच्छता सुविधाएं बंद कर दी गई हैं, जिससे प्रदर्शनकारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस आरोप पर भी दिल्ली पुलिस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पहले भी हो चुका है हमला
कुछ दिन पहले आंदोलन के दौरान एक प्रदर्शनकारी पर लोहे की रॉड से हमला हुआ था। CJP ने इस मामले में हत्या के प्रयास और एससी/एसटी अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि की थी।
क्या हैं CJP की प्रमुख मांगें?
CJP आंदोलनकारी निम्नलिखित मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं:
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग।
- परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच।
- शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना।
- छात्रों और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए ठोस सुधार लागू करना।
आगे क्या?
CJP का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, सरकार की ओर से आंदोलन की ताजा मांगों और आरोपों पर अभी विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
