लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
समाज ने पूर्वजों की उपलब्धियों और महान व्यक्तियों को किया याद
उनियारा (सत्यप्रकाश मयंक) जांगिड़ ब्राह्मण महासभा का 119वां स्थापना दिवस विश्वकर्मा मंदिर में भव्य रूप से मनाया गया। समाज के दीपक जांगिड़ ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत भगवान विश्वकर्मा की वंदना से हुई।
पूर्व जिला महामंत्री एवं मंदिर विकास समिति अध्यक्ष रमेश जांगिड़ ने कहा कि जांगिड़ समाज के पूर्वज हर क्षेत्र में अग्रणी रहे हैं। हमारा समाज भगवान विश्वकर्मा का अनुयायी और महर्षि अंगिरा का वंशज है। 27 सितंबर 1907 को समाज को अग्रणी बनाए रखने और देश के विकास में योगदान के लिए अखिल भारतीय जांगिड़ ब्राह्मण महासभा की स्थापना की गई।
उन्होंने समाज के सभी सदस्यों से महासभा के संविधान का पालन करते हुए समाज की मजबूती के लिए कार्य करने का आह्वान किया। इस अवसर पर महासभा के संस्थापकों पंडित जयकृष्ण मणीदिया, प. बाबू गोवर्धन दास, डा. इन्द्रमणी शर्मा और प. पालाराम शर्मा को उनके योगदान के लिए याद कर नमन किया गया।
कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व गृहमंत्री भारत सरकार स्व. ज्ञानी जैल सिंह की पुण्यतिथि पर, हाल ही में निधन हो चुके प्रख्यात मूर्तिकार राम सुथार तथा गुरु गोविंद सिंह के वीर बालकों की शहादत को याद कर सम्मान व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर रमेश जांगिड़, कैलाश चंद जांगिड़, दीपक जांगिड़, रवि जांगिड़, मोनू जांगिड़, किशन जांगिड़, दिमांशु जांगिड़, पीयूष जांगिड़, जतिन जांगिड़ सहित कई युवा उपस्थित थे।