लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
उपशीर्षक:
शिक्षा संबल से 35 हजार छात्र लाभान्वित, ऊँची उड़ान के तहत 150 विद्यार्थियों का चयन प्रतिष्ठित संस्थानों में
भीलवाड़ा। (पंकज पोरवाल) — भारत की अग्रणी और विश्व की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक ने शिक्षा, कौशल विकास और समावेशी शिक्षण के माध्यम से युवा पीढ़ी को सशक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। कंपनी की प्रमुख सामुदायिक पहलों — नंद घर, शिक्षा संबल, ऊँची उड़ान और जीवन तरंग — ने पिछले पाँच वर्षों में 10 लाख से अधिक बच्चों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है।
शिक्षा संबल कार्यक्रम के तहत कंपनी ने 140 स्कूलों के 35,000 से अधिक छात्रों को विज्ञान, गणित और अंग्रेजी जैसे विषयों में मजबूत आधार देने के लिए सहायता प्रदान की है। अब तक 30,900 से अधिक कक्षाओं का संचालन किया गया, जिससे कक्षा 10 के 95% विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा में सफल हुए। इनमें से 66 में से 23 स्कूलों का परिणाम 100% रहा। शिक्षा को और बेहतर बनाने के लिए कंपनी ने उदयपुर और पंतनगर में चार एसटीईएम प्रयोगशालाएँ स्थापित की हैं, 26 मॉडल स्कूल विकसित किए हैं और 10 स्कूलों का नवीनीकरण किया है।
हिन्दुस्तान जिंक के सीईओ एवं पूर्णकालिक निदेशक अरुण मिश्रा ने कहा,
“हर बच्चे को बिना किसी सीमा के सीखने, बढ़ने और सपने देखने का अवसर मिलना चाहिए। हमारी शिक्षा पहलें केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं हैं — वे आत्मविश्वास, जिज्ञासा और योग्यता का निर्माण करने के लिए हैं।”
ऊँची उड़ान कार्यक्रम के तहत ग्रामीण और आदिवासी समुदायों के प्रतिभाशाली छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए तैयार किया जाता है। अब तक 150 छात्र आईआईटी और अन्य प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में चयनित हुए हैं। इनमें से 32 छात्रों को शीर्ष कंपनियों में नियुक्ति मिली है, जिनका औसत वार्षिक पैकेज ₹10 लाख और अधिकतम ₹21 लाख रहा है।
जीवन तरंग पहल (2017 से संचालित) विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समावेश और आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त बना रही है। इस कार्यक्रम से अब तक 2,600 से अधिक दिव्यांग बच्चे लाभान्वित हुए हैं। इसके अंतर्गत सांकेतिक भाषा, मानसिक स्वास्थ्य, स्वच्छता और व्यावसायिक प्रशिक्षण पर सत्र आयोजित किए जाते हैं।
नंद घर पहल, अनिल अग्रवाल फाउंडेशन की प्रमुख परियोजना, आईसीडीएस के साथ साझेदारी में संचालित की जा रही है। यह पहल पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और महिला सशक्तिकरण के चार स्तंभों पर आधारित है। वर्तमान में 2,000 नंद घर 3.7 लाख महिलाओं और बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।
युवा विकास के क्षेत्र में भी कंपनी ने अग्रणी कदम उठाए हैं। राजस्थान के जावर में स्थापित जिंक फुटबॉल अकादमी अब तक 3,250 से अधिक युवा एथलीटों को प्रशिक्षित कर चुकी है, जिनमें से कई राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर खेल रहे हैं।
हिन्दुस्तान जिंक की शिक्षा और युवा सशक्तिकरण से जुड़ी ये पहलें न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा दे रही हैं, बल्कि भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव भी मजबूत कर रही हैं।

















































