लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
रियांबड़ी (नागौर)।
लाडपुरा ग्राम पंचायत क्षेत्र की गोचर भूमि पर जारी अवैध कब्जों को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। भेरूंदा नायब तहसीलदार की ओर से अक्टूबर 2025 में अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी किए गए थे, जिसके तहत कब्जाधारियों को बेदखल कर 15 अक्टूबर तक रियांबड़ी तहसील कार्यालय में पालना रिपोर्ट प्रस्तुत करनी थी। लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और हालात जस के तस बने हुए हैं।
500 बीघा से अधिक गोचर भूमि पर अवैध कब्जा
सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश चौधरी के अनुसार लाडपुरा की लगभग 500 बीघा से अधिक गोचर भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा बना हुआ है।
ग्रामीणों ने जुलाई 2024 से इस संबंध में लगातार ज्ञापन सौंपने शुरू किए थे, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।

डेढ़ साल से जारी शिकायतें, फिर भी कार्रवाई नहीं
ग्रामीणों ने पिछले डेढ़ वर्ष में कई बार
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नागौर जिला कलेक्टर
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रियांबड़ी तहसीलदार
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रियांबड़ी एसडीएम
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नायब तहसीलदार भेरूंदा
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डेगाना विधायक
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राजसमंद सांसद महिमा कुमारी
को फोन, ई–मेल और लिखित रूप से अवगत कराया है।
इसके बावजूद अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
राजस्थान संपर्क पोर्टल पर 50 से अधिक शिकायतें दर्ज
ग्रामीणों ने बताया कि राजस्थान संपर्क पोर्टल 181 पर 50 से अधिक शिकायतें दर्ज करवाई जा चुकी हैं। फिर भी प्रशासन द्वारा कार्रवाई न होने से लोगों में गहरा असंतोष है।
पशुपालकों को हो रही भारी परेशानी
ग्रामीणों के अनुसार प्रभावशाली लोगों के कब्जे के चलते
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पशुपालकों
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गौ–संचालकों
को गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार गौशालाओं को भले ही अनुदान प्रदान कर रही है, लेकिन निराश्रित गौधन के विचरण के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं बचा है।

ग्रामीणों की मांग—गोचर भूमि को अविलंब अतिक्रमण मुक्त किया जाए
लंबे समय से संघर्ष कर रहे ग्रामीण अब भी अपनी मांग पर अडिग हैं और प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि गोचर भूमि को जल्द से जल्द अतिक्रमण मुक्त करवाया जाए, ताकि पशुधन और ग्रामीणों दोनों की समस्याओं का समाधान हो सके।














































