घरवाले दूध का इंतजार करते रहे, बाहर नो एंट्री में घुसे ट्रक ने कुचल दिया!

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नो एंट्री में भारी वाहनों का आवागमन जारी

भारी वाहन की टक्कर से नारायण की मौत

पत्थरों से भरे डम्पर ने राहगीर को कुचला

पुलिस की मिली भगत से होती है नो एंट्री में एंट्री

शिव शंकर छिपा की रिपोर्ट
जयपुर। -राजधानी जयपुर के सांगानेर थाना इलाके में पैदल जा रहे राहगीर को तेज रफ्तार से जा रहे एक पत्थरों से भरे डंपर ने कुचल कर मार दिया। नो एंट्री में घुसे भारी भरकम पत्थरों से भरे डंपर की टक्कर इतनी तेज थी कि राहगीर की मौके पर ही मौत हो गई।

घर से दूध लेने निकला था नारायण

मृतक की पहचान सांगानेर के मालपुरा गेट से 55वर्षीय जय नारायण सुईवाल के रूप में हुई है। मृतक सुबह 6:30बजे घर से दूध की डेयरी से दूध लेने आया था और वापस पैदल ही घर जा रहा था कि अचानक से तेज रफ्तार से आ रहे डम्पर ने पीछे से टक्कर मारी ओर करीब 50मिटर की दूरी तक घसीटते हुए ले गया।

पुलिस की लापरवाही आई सामने

हादसा होने के बाद डम्पर चालक मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हादसे की सूचना के बाद मौके आई सांगानेर थाना पुलिस ने शव की पहचान कर शव को मोर्चरी में भिजवाया है वही पत्थरों से भरे डम्पर को जप्त कर थाने लाया गया है। इस घटना के बाद पुलिस और यातायात विभाग पर सवाल उठने लगे हैं। हादसे के समय पुलिस सोती रही।

नो एंट्री में कैसे हुई एंट्री? 
जयपुर में भारी वाहनों के लिए नो एंट्री का समय आमतौर पर रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक होता है. हालांकि, कुछ मामलों में, यह समय थोड़ा बदल सकता है, लेकिन पुलिस की मिली भगत से भारी वाहन शहर में नो एंट्री में दौड़ लगाते दिख जाते हैं। और इस तरह के हादसों को न्योता दे रहे हैं।

थानाधिकारी मीडिया पर बीफरे

हादसे की घटना की कवरेज के दौरान जब एक वरिष्ठ पत्रकार ने पुलिस से हादसे की जानकारी चाही ओर नो एंट्री में डम्पर के आने का सवाल किया तो सांगानेर थानाधिकारी श्रीनिवास जांगिड़ बिफर गए। पत्रकार को धमकाते हुए कवरेज करने से मना करने लगे। थानाधिकारी श्रीनिवास का ये व्यवहार दर्शाता है कि पुलिस की सांठ गांठ से भारी भरकम वाहन भीड़ भरे इलाकों में सड़कों पर दौड़ लगा रहे हैं।

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