लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
झालावाड़। विश्व धरोहर स्थल गागरोन दुर्ग एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना, जब 5100 से अधिक विद्यार्थियों ने एक साथ चित्रकला कर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। राज्य सरकार की पंच गौरव योजना के तहत आयोजित गागरोन दुर्ग चित्रकला महोत्सव को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया, जिससे जिले में कला और सांस्कृतिक चेतना की नई लहर उत्पन्न हुई।
सुबह से ही दुर्ग परिसर उत्साह और रचनात्मक ऊर्जा से भरा रहा। बच्चों ने प्राचीन दुर्ग की भव्यता को अपने कैनवास पर जीवंत कर दिया।
जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने इसे “अविस्मरणीय क्षण” बताया और कहा कि यह उपलब्धि बच्चों की रचनात्मकता और विरासत के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
प्रतिस्पर्धा और आकर्षण
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झालावाड़ की गर्ल्स व बॉयज़ टीम के बीच हुए खेल में गर्ल्स टीम विजेता रही।
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जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ और पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने गर्ल्स टीम की ओर से भाग लेकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।
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दुर्ग परिसर में संत्रा, सागवान, कोटा स्टोन और बास्केटबॉल पर आधारित आकर्षक प्रदर्शनी भी लगाई गई।

उत्कृष्ट व्यवस्थाएँ
सीईओ शंभूदयाल मीणा और एसडीएम अभिषेक चारण के निर्देशन में सुरक्षा, आवागमन, पेयजल, चिकित्सा, बिजली सहित सभी व्यवस्थाएँ सुचारू रहीं, जिससे विद्यार्थियों व आगंतुकों को आरामदायक अनुभव मिला।
पौधारोपण एवं सम्मान
कार्यक्रम में जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक और अन्य गणमान्यों ने संतरा और सागवान के पौधे लगाए, जिनके संरक्षण की जिम्मेदारी वन विभाग को सौंपी गई।
जिला कलक्टर ने मनरेगा महिला श्रमिकों, शिक्षकों, स्वयंसेवी संगठनों और आमजन का विशेष आभार व्यक्त किया।
जिला प्रमुख प्रेम बाई दांगी, आरपीएससी के पूर्व अध्यक्ष श्याम सुंदर शर्मा, जिलाध्यक्ष हर्षवर्धन शर्मा, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार, उप वन संरक्षक सागर पंवार, एडीएम अनुराग भार्गव, सीईओ शंभूदयाल मीणा, एसडीएम अभिषेक चारण, झालरापाटन प्रधान भावना झाला आदि उपस्थित रहे।
















































