लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर (आर एन सांवरिया)।
राजस्थान पुलिस भर्ती-2021 उपनिरीक्षक (एसआई) परीक्षा पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) की गहन कार्रवाई जारी है। अतिरिक्त महानिदेशक एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि तीन प्रशिक्षु उपनिरीक्षक और एक डमी अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया गया है।
एफएसएल जांच में डमी कैंडिडेट का खेल खुला। डीआईजी एसओजी परीस देशमुख के नेतृत्व में आरपीएससी रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया, जिसमें 10 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों के रिकॉर्ड संदिग्ध पाए गए। हस्तलेख और हस्ताक्षर मिलान में असमानता पाई गई, जिससे प्रमाणित हुआ कि तीनों ने अवैध रूप से डमी अभ्यर्थियों को परीक्षा दिलाई।
गिरफ्तार प्रशिक्षु उपनिरीक्षक:
-
कुणाल चौधरी, पुत्र मादाराम, झंवर, जोधपुर (मेरिट 234, राजसमंद)
-
चूनाराम जाट, पुत्र हरिराम, करड़ा, जालौर (मेरिट 251, उदयपुर)
-
अशोक कुमार खिलेरी, पुत्र लादूराम, करड़ा, जालौर (मेरिट 154, उदयपुर)
डमी अभ्यर्थी:
-
अशोक कुमार खींचड़, पुत्र जीवन राम, ग्राम विकास अधिकारी, बज्जू, बीकानेर
अब तक 137 अभियुक्त गिरफ्तार हो चुके हैं, जिनमें 63 प्रशिक्षु और 6 चयनित उपनिरीक्षक शामिल हैं। एसओजी शेष दो प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से पूछताछ कर रही है।
एडीजी विशाल बंसल ने प्रशिक्षणरत सभी उम्मीदवारों से अपील की है कि यदि उन्होंने अनुचित साधनों का प्रयोग किया है, तो स्वयं समर्पण करें, ताकि कानूनी प्रक्रिया सरल हो और आगे की जांच सुचारु रूप से हो सके। जांच और गिरफ्तारी प्रक्रिया जारी है।
