लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
रिपोर्ट: रूपनारायण सांवरिया, जयपुर
जयपुर। मदन राठौड़ ने ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के आचरण की कड़ी भर्त्सना करते हुए इसे राष्ट्र की प्रतिष्ठा के विरुद्ध गंभीर कृत्य बताया। उन्होंने कहा कि जब पूरा विश्व भारत की नेतृत्व क्षमता, तकनीकी नवाचार और वैश्विक प्रभाव को स्वीकार कर रहा है, तब राहुल गांधी और उनके सहयोगियों द्वारा देश की छवि धूमिल करने का प्रयास अत्यंत निंदनीय है।
राठौड़ ने कहा कि 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों, 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्षों एवं शासनाध्यक्षों की भागीदारी तथा लगभग 2.5 लाख पंजीकरण यह दर्शाते हैं कि भारत आज वैश्विक मंच पर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। विश्व के शीर्ष उद्योगपतियों और नीति-निर्माताओं ने भारत की तकनीकी प्रगति, डिजिटल परिवर्तन और दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना की है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने आचरण पर आत्ममंथन कर क्षमा याचना करनी चाहिए थी, लेकिन इसके विपरीत उसके नेताओं ने ऐसे प्रदर्शनों को उचित ठहराने का प्रयास किया। लोकतंत्र में सरकार और नीतियों की आलोचना का अधिकार सभी को है, किंतु अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि को नुकसान पहुँचाना अस्वीकार्य है।
राठौड़ ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व कल्याण, डिजिटल क्रांति और समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। डिजिटल भुगतान व्यवस्था ने छोटे व्यापारियों और सड़क विक्रेताओं तक को सशक्त बनाया है, जिसकी सराहना विश्व स्तर पर हो रही है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा के लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि है और किसी भी वक्तव्य या कार्य से देश की गरिमा को आघात नहीं पहुँचना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व लगातार भारत की उपलब्धियों पर प्रश्नचिह्न लगाता रहा है।
अंत में राठौड़ ने कहा कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन राष्ट्र की छवि को नुकसान पहुँचाने वाली राजनीति स्वीकार्य नहीं हो सकती। भारत विश्व नेतृत्व की दिशा में अग्रसर है और जागरूक जनता राष्ट्रहित के विरुद्ध किसी भी कदम को स्वीकार नहीं करेगी।















































