लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। (रूपनारायण सांवरिया) भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान प्रेस को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि डोटासरा बोलते पहले हैं और सोचते बाद में, इसी कारण उनके बयान लगातार स्तरहीन और असंसदीय होते जा रहे हैं।
मदन राठौड़ ने कहा कि एक जिम्मेदार विधायक होने के बावजूद डोटासरा शब्दों का चयन नहीं कर पा रहे हैं, जो उनकी राजनीतिक हताशा और गिरावट को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंचों पर ‘बेईमान’ जैसे शब्दों का प्रयोग उनकी बिगड़ती शब्दावली और मानसिक स्थिति को उजागर करता है। यह उनकी राजनीतिक खीज का परिणाम है।
परिसीमन को लेकर कांग्रेस के आरोप निराधार
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पंचायत, पंचायत समिति एवं जिला परिषद परिसीमन को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि परिसीमन कभी भी राजनीतिक आधार पर नहीं होता। यह प्रक्रिया पूरी तरह निर्वाचन आयोग द्वारा की जाती है, जिसमें किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप संभव नहीं है।
राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों ने घुसपैठियों, बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं को वोटर बनाकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि परिसीमन के माध्यम से क्षेत्रीय जनसांख्यिकी में बदलाव करने जैसे कृत्य कांग्रेस ने किए हैं, इसी कारण कांग्रेस को आशंका है कि भाजपा भी वैसा ही करेगी।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब एसआईआर प्रक्रिया के तहत बाहरी लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, तो कांग्रेस को इसमें आपत्ति क्यों है?
हार की आशंका से कांग्रेस बना रही बहाने
राठौड़ ने स्पष्ट किया कि जिला परिषद का परिसीमन जिले की परिधि में और पंचायत समिति का परिसीमन पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत ही किया जाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आगामी चुनावों में हार का डर साफ दिखाई दे रहा है, इसी कारण वह पहले से ही आरोप लगाकर बहाने गढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की पुरानी आदत रही है कि जीत पर ताल ठोकती है और हार की स्थिति में ईवीएम या संवैधानिक संस्थाओं को दोष देती है।
भाजपा में अनुशासन सर्वोपरि
भाजपा के संगठनात्मक अनुशासन पर बोलते हुए मदन राठौड़ ने कहा कि भाजपा में अनुशासन सर्वोपरि है। किसी भी कार्यकर्ता को जब दायित्व मिलता है, तो वह पूरी निष्ठा और संगठनात्मक मर्यादा के साथ कार्य करता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पार्टी अध्यक्ष को ‘बॉस’ कहना और स्वयं को एक कार्यकर्ता बताना भाजपा की कार्यसंस्कृति और अनुशासन को दर्शाता है। यह प्रधानमंत्री का बड़प्पन और आदर्श व्यवहार है कि वे स्वयं को भी संगठन के अनुशासन से बंधा हुआ मानते हैं।
कांग्रेस के पास न संगठन, न समर्पित कार्यकर्ता
मदन राठौड़ ने कहा कि भाजपा संगठन में नई पीढ़ी को तैयार किया जा रहा है, जो एक सकारात्मक और स्वागतयोग्य पहल है। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा के हालिया संबोधन को कार्यकर्ताओं के लिए मार्गदर्शक बताया।
उन्होंने कहा कि राजनीति में स्पोर्ट्समैन स्पिरिट होनी चाहिए—काम करें, जीतें तो बधाई स्वीकार करें और हारें तो आत्ममंथन करें। राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास न तो समर्पित कार्यकर्ता हैं और न ही संगठनात्मक अनुशासन। उनकी आंतरिक व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा चुकी हैं, जिसका परिणाम बार-बार सामने आ रहा है।









































